
सांकेतिक फोटो
हरदोई के बिलग्राम कोतवाली अंतर्गत नोखेपुरवा के पास गंगाघाट पर गुरुवार देर शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। गंगा नदी से कलश में जल भरते समय कलशयात्रा में शामिल पांच किशोर-किशोरियां गहरे पानी में चले गए। इस दर्दनाक हादसे में एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि एक किशोर अभी भी लापता है। घटना के बाद गांव और परिवारों में कोहराम मच गया है।
जानकारी के अनुसार, म्योरा मोड़ स्थित मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होना था। इसके लिए श्रद्धालुओं द्वारा कलशयात्रा निकाली गई थी। पिकअप वाहन से श्रद्धालु गंगा घाट पहुंचे थे। इसी दौरान कलश में जल भरते समय अचानक पैर फिसलने से पांच बच्चे नदी के कुंड में गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संध्या (14), पुत्री रविशंकर,ओम श्री (14), पुत्र राजेश, स्नेहा (12), पुत्री महेंद्र, सोनम (11), पुत्री सोनू, अंशी (14), पुत्री राकेश ये सभी गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद महिलाओं और ग्रामीणों ने चीख-पुकार मचा दी, जिसके बाद आसपास के लोगों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई।
ग्रामीणों की मदद से चार बच्चों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन संध्या को जब तक बाहर निकाला गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं किशोर ओम श्री का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। स्नेहा, सोनम और अंशी की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। बिलग्राम एसडीएम एन राम ने बताया कि राजस्व टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। स्थानीय गोताखोरों की मदद से लापता किशोर की तलाश की जा रही है। रात होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर एसडीआरएफ या पीएसी की मदद ली जाएगी।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतका संध्या कक्षा आठ की छात्रा थी और छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं धार्मिक आयोजन की खुशी पलभर में मातम में बदल गई।
Updated on:
14 May 2026 11:46 pm
Published on:
14 May 2026 11:46 pm
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