Hardoi Weather Dense Fog: हरदोई जिले में मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। तीन दिन की धूप के बाद कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रविवार सुबह दृश्यता मात्र 5 मीटर रह गई, जिससे हाईवे और शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
Hardoi Weather Takes U-Turn: उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। बीते तीन दिनों से खिली धूप और हल्की गर्माहट से मिली राहत के बाद रविवार को कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। सुबह होते ही कोहरे की इतनी घनी चादर छा गई कि कुछ ही दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी दिखाई देना मुश्किल हो गया। नतीजतन जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त नजर आया।
रविवार तड़के से ही जिले में घना कोहरा छाने लगा। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 6 बजे दृश्यता (विजिबिलिटी) गिरकर मात्र 5 मीटर रह गई, जो अत्यंत खतरनाक मानी जाती है। इस दौरान सड़क पर निकलना जोखिम भरा हो गया। हालांकि सुबह 7:30 बजे तक दृश्यता में हल्का सुधार दर्ज किया गया और यह लगभग 10 मीटर तक पहुंची, लेकिन फिर भी आवागमन सामान्य नहीं हो सका। तापमान की बात करें तो जिले का न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठंड का असर और अधिक बढ़ गया।
घने कोहरे और शीतलहर के चलते हरदोई की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हरदोई–लखनऊ हाईवे, हरदोई-शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद मार्ग और दिल्ली रूट समेत सभी प्रमुख रास्तों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलते नजर आए। कुछ स्थानों पर ट्रकों और बसों की लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर कोहरा छंटने का इंतजार करते दिखे।
इस मौसम का सबसे ज्यादा असर दुपहिया वाहन चालकों और खुले में सफर करने वालों पर पड़ा। घने कोहरे, सर्द हवाओं और ठंड के कारण बाइक सवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हेलमेट के शीशे तक कोहरे से ढके रहे, जिससे आगे देखना मुश्किल हो गया। कई लोग अनावश्यक यात्रा से बचते नजर आए।
कोहरे का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रेल और रोडवेज बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कई यात्री ट्रेनें देरी से चलीं, वहीं कुछ रोडवेज बसें समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सकीं। यात्रियों को ठंड और कोहरे के बीच बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।
रविवार होने के बावजूद बाजारों में अपेक्षित चहल-पहल नजर नहीं आई। ठंड और कोहरे के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। सुबह के समय सब्जी मंडियों, चाय की दुकानों और चौक-चौराहों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, देर सुबह कोहरा थोड़ा छंटने के बाद कुछ जगहों पर हलचल बढ़ी, लेकिन दिनभर ठंड का असर बना रहा।
सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे। शहर और ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह अलाव जलाए गए। नगर पालिका और ग्रामीण प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई, जिससे जरूरतमंदों को कुछ राहत मिल सके। बुजुर्गों और बच्चों को खासतौर पर ठंड से बचाव की सलाह दी गई है।
डॉक्टरों के अनुसार, अचानक मौसम बदलने से सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड में
गर्म कपड़े पहनें,सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें,बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा बना रह सकता है। दिन में धूप निकलने पर थोड़ी राहत मिलने की संभावना है, लेकिन रात और सुबह की ठंड से अभी निजात मिलने के आसार कम हैं।प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कोहरे में वाहन चलाते समय हेडलाइट और फॉग लाइट का प्रयोग करें। धीमी गति से चलें .सुरक्षित दूरी बनाए रखें साथ ही, अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।