हरदोई के अरवल थाना में झोलाछाप डॉक्टर ने खांसी-बुखार की दवा लेने आए मरीज को इंजेक्शन लगा दिया और जल्द राहत का दिया आश्वासन,लेकिन कुछ ही समय में मरीज की सांसे थम गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शुरू की कार्यवाही।
हरदोई बीच बाजार में दुकान खोल कर बैठे झोलाछाप ने खांसी-बुखार की दवा लेने पहुंचे मरीज को इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी तबीयत और बिगड़ गई। जब तक उसके घर वाले कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मामला अरवल थाने के मनोहरपुर चौंसार का बताया गया है। उधर इसका पता होते ही झोलाछाप अपना झोला समेट कर वहां से भाग निकला।
बताया गया है कि अरवल थाने के मनोहरपुर चौसार निवासी खेती- किसानी करने वाला 40 वर्षीय रामभरोसे पुत्र सियाराम अपनी पत्नी के अलावा तीन बेटों और चार बेटियों का पेट पाल रहा था। राम भरोसे को कुछ दिनों से खांसी-बुखार आ रहा था। उसके छोटे भाई ओमकार ने बताया कि वह चौंसार की बाज़ार में दवाखाना खोले बैठे सुनील कटियार के पास दवा लेने पहुंचा। सुनील ने उसे इंजेक्शन लगाया और दवा दी। उसके कुछ ही देर बाद एकाएक तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई, उसके घर वाले कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मरीज रामभरोसे के हाथ-पांव ठंडे पड़ गए।
आनन-फानन में उसे सीएचसी पहुंचाया जाता, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। इसका पता होते ही सुनील अपना झोला समेट कर वहां से भाग खड़ा हुआ। पुलिस को सूचना मिलते ही शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट के बाद शुरू होगी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्यवाही।