
हरदोई. लखनऊ के अभिषेक गुप्ता का प्रस्तावित पेट्रोलपंप का मसला अभिषेक के माफी नामे के बाद यूपी शासन के अमले में भले ही ठंडा पड़ता नजर आ रहा हो। मगर हरदोई में इस पंप के लिए भूमि एक्स्चेंज प्रस्ताव बनाने वाले अफसरों के लिए जांच के सवालों में बम फूट सकता है। लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी अभिषेक गुप्ता के हरदोई की सण्डीला तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित पेट्रोल पंप के लिए भूमि एक्स्चेंज प्रस्ताव पर उनके आरोपो के बम से खुद लपेटे में आए। अभिषेक गुप्ता ने माफी मांग ली मगर उनके आरोपो से सुर्खियों में आया यह मामला अभी भी हरदोई में उन अफसरों के लिए किसी बम के फ़ूटने से कम नहीं है जो कि इस मामले में सवालों के घेरे में है।
पेट्रोल पंप करीब 6 माह पूर्व प्रस्तावित
तस्वीरों में दिख रही यह अधबनी सी चाहर दिवारी दरअसल उसी स्थान की है जहां अभिषेक गुप्ता का पेट्रोल पंप करीब 6 माह पूर्व प्रस्तावित हुआ था। जब कंपनी ने पेट्रोल पंप के लिए मानक अनुरूप भूमि के फ्रंट की चौड़ाई कम होने की बात कह दी। तब फिर पड़ोस में खाली पड़ी ग्राम समाज की भूमि के लिए अभिषेक ने जुगाड़ बाजी शुरू की। इसके साथ ही ग्राम और तहसील स्तर से भूमि एक्सचेंज प्रस्ताव बना जिसमें कहा गया कि अभिषेक गुप्ता की जमीन के पास रास्ते की सुरक्षित जमीन है। मगर उसका उपयोग नहीं होता है। लिहाज़ा भूमि एक्स्चेंज के तहत दी जा सकती है। रास्ते का मतलब पेट्रोल पंप के प्लाट के फ्रंट से है। ताकि वाहनों का पंप पर सुगमता से आवागमन हो सके।
प्रशासनिक अमले में खलबली सी मच गई थी
शासन को भेजे गए इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली औऱ जब मामले में अभिषेक ने रिश्वत आरोप लगा दिए तो मामला सुर्खियों में आया था। जिसके बाद से हरदोई में प्रशासनिक अमले में खलबली सी मच गई थी।