स्कूल में बच्चे पढ़ने जाते हैं लेकिन उनसे बर्तन साफ कराए जा रहे हैं और झाड़ू लगवाई जा रही है।
हाथरस। सत्ता बदलने के बाद भी उत्तर प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों की मानसिकता बदलने का नाम नहीं ले रही है, शिक्षा विभाग पर सख्ती के बावजूद भी सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला हाथरस का है, जहां स्कूली बच्चे स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते कैमरे में कैद हुए हैं, इतना ही नहीं यह बच्चे खाना बनाने के लिए प्रयोग होने वाले वर्तनों को धोते भी हुए दिखाई दे रहे हैं। यह सारा मामला हाथरस जिले की तहसील सादाबाद के विकास खंड सहपऊ के गांव नगला रमजू के प्राथमिक विद्यालय का है। इस नज़ारे ने पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बच्चों ने खुद बयां की झाड़ू और सफाई की दांस्ता
बच्चों का उज्जवल भविष्य बनाने के लिए हर मां बाप अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं , लेकिन स्कूल के ये नजारे शिक्षा व्यवस्था की कलई खोल कर रख देते हैं। गांव नगला रमजु के प्राथमिक विद्यालय में स्कूली बच्चे खाना बनने से पहले बर्तनों को साफ़ करते हैं और सुबह जल्दी आकर स्कूल की रोज साफ़ सफाई करते हैं। इस स्कूल का आलम यह है कि यहां पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं शिक्षक समय से स्कूल नहीं आते हैं। यह सारा वाकया स्कूली बच्चे खुद अपनी जुबां से बयां कर रहे हैं।
बीएसए बोलीं होगी कर्रवाई
जब इस मामले में बीएसए से बात की गई तो बीएसए सुमन ने कहा कि स्कूल में बच्चे पढ़ने आते हैं, उनसे अन्य कार्य कराना गलत है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।अब देखना होगा कि ऐसे शिक्षकों के खिलाफ विभाग क्या कदम उठता है। हालंकि स्कूल के स्टाफ ने स्कूल परिसर की दीवारों पर रसोइये के कर्तव्य, शिक्षा के अधिकार की लाइनें तो सुन्दर तरीके से लिखा राखी हैं, लेकिन शायद इन्हें आज तक पढ़ा नहीं है। जिसकी वजह से यह नाजरे आये दिन देखने को मिल जाते हैं।