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पीएम मोदी का स्किल इंडिया यहां फेल, बुरे हाल हैं राजस्थान के इन कॉलेज के

क्षिण भारत और अन्य प्रदेशों में वक्त और जरूरत के अनुसार नए कोर्स संचालित हैं। इससे विद्यार्थियों को फायदा मिल रहा है।

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new courses not open in engineering colleges rajasthan

new courses not open in engineering colleges rajasthan

रक्तिम तिवारी/अजमेर।

देश में स्किल इंडिया का दौर चल रहा है। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर खुद पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का विशेष जोर है। फिर भी राजस्थान केइंजीनियरिंग कॉलेज कई पाठ्यक्रमों से कोसों दूर हैं। रोजगार के अच्छे अवसरों के बावजूद यहां पारम्परिक कोर्स ही संचालित हैं। जबकि दक्षिण भारत और अन्य प्रदेशों में वक्त और जरूरत के अनुसार नए कोर्स संचालित हैं। इससे विद्यार्थियों को फायदा मिल रहा है।

प्रदेश में सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में करीब ५० हजार सीटें हैं। विभिन्न कॉलेज के पाठ्यक्रमों में विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। इन्हें राजस्थान इंजीनियरिंग एडमिशन प्रोसेस के तहत प्रवेश दिए जाते हैं। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज कई कोर्सेज के मामलों में केरल, तमिलनाडु, सीमांध्र और कर्नाटक के विभिन्न कॉलेज से पिछड़े हैं।

दक्षिण भारतीय प्रदेशों में कई इंजीनियरिंग कोर्स हैं जिनमें डिग्री लेकर विद्यार्थियों ने सरकारी नौकरी के अलावा खुद का उद्यम स्थापित किए हैं। राजस्थान के कई इंजीनियरिंग कोर्स भी रोजगारोन्मुखी हैं, पर यहां के तकनीकी शिक्षा विभाग की मांग के अनुरूप नए कोर्स-ब्रांच खोलने में रुचि कम है।

दूसरे प्रदेशों में यह कोर्स प्रमुख :

नैनो टेक्नोलॉजी, सोलर एनर्जी, एन्वायरमेंट इन्फॉरमेटिक्स, कॉमर्शियल प्रेक्टिस, कम्प्यूटर एप्लीकेशन एन्ड बिजनेस मैनेजमेंट, इंस्ट्रूमेंट टेक्नोलॉजी, एप्लाइड इलेक्ट्रानिक्स, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग टूल एन्ड डाई, फिशरीज टेक्नोलॉजी, प्रोस्थेटिक्स एन्ड ऑर्थेटिक्स, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी, मेटेलर्जिकल इंजीनियरिंग, सैंडविच मेकेनिक्स, पॉलीमर टेक्नोलॉजी, ग्रीन केमिस्ट्री एन्ड इंजीनियरिंग। राजस्थान में हैं सिर्फ ये कोर्स :

सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्ट्रूमेंटेशन कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, पेट्रो केमिकल, प्रोडक्शन इंडस्ट्री और अन्य।

राजस्थान में हैं सिर्फ ये कोर्स :

सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्ट्रूमेंटेशन कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, पेट्रो केमिकल, प्रोडक्शन इंडस्ट्री और अन्य।

नई ब्रांच और कोर्स में रुचि कम :

राजस्थान में तकनीकी शिक्षा विभाग की इंजीनियरिंग कॉलेज में नई ब्रांच और कोर्स खोलने में रुचि कम दिखती है। बीते १५-२० वर्षों में यहां कई सरकारी और निजी कॉलेज खुले हैं। मांग के अनुरूप नई ब्रांच और कोर्स और भी शुरू हुए हैं, फिर भी देश के अन्य प्रदेशों की तुलना में यह संख्या सीमित है। विद्यार्थियों को पास चिरपरिचित ब्रांच और कोर्स में ही दाखिलों का विकल्प मिलता है। नए और रोजगारोन्मुखी कोर्स में प्रवेश के लिए विद्यार्थी दूसरे प्रदेशों में जाते हैं।

न एक्रिडेशन न प्रोफेसर
प्रदेश के नए इंजीनियरिंग कॉलेज के न एक्रिडेशन हैं न इनमें प्रोफेसर हैं। जबकि उच्च और तकनीकी विश्वविद्यालयों के लिए नैक और नैब (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन) से ग्रेडिंग जरूरी है। प्रोफेसर नहीं होने से अधिकांश कॉलेज में रीडर और लेक्चरर ही विद्यार्थियों को इंजीनियर बना रहे हैं।