हाथरस

कभी विदेशों में बिकता था यहां का कांच, आज सरकार की अनदेखी से लोग भुखमरी की कगार पर

हाथरस के सासनी में कभी कांच उद्योग की फैक्ट्रियां हुआ करती थीं। हजारों मजदूर करते थे नौकरी। आज सरकार की अनदेखी के चलते फैक्ट्रियां बंद हो गईं और लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए।

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Aug 31, 2018
factory
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हाथरस। सरकार की अनदेखी के चलते हाथरस जिले के सासनी में चलने वाला कांच उद्योग अपनी पहचान खोता जा रहा है। यहां के उद्यमियों को नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ सरकार से काफी उम्मीदें थीं क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी मेक इन इंडिया का नारा लगाकर विदेशों में भारत की अलग पहचान बनाने के लिए दौरे कर रहे हैं। मोदी सरकार के पांच साल पूरी होने वाले हैं और योगी सरकार को एक साल से ज्यादा समय हो गया लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया।

कांच उद्योग की विदेशों में भी थी पहचान
एक समय था जब सासनी रेलवे स्टेशन के पास खंडेलवाल कांच फैक्ट्री हुआ करती थी। इसके अलावा अजंता ग्लास फैक्ट्री व अन्य कई कांच कारखाने थे। जिनमें बरनी, कांच की बोतलें, लालटेन के शीशे तथा शोपीस बनाए जाते थे। ये सामान यहां से विदेशों में भेजा जाता था। लेकिन इस उद्योग की अनदेखी के चलते धीरे धीरे सब खत्म होता चला गया। फैक्ट्रियां खंडहर में तब्दील हो गईं और इसमें काम करने वाले लोग दूर दराज के इलाकों में पलायन कर गए।

कर्मचारी आवास और अस्पताल बना खंडहर
कांच के कारखानों में सैकड़ों ग्रामीण रोजगार पाते थे। उन कर्मचारियों के लिए कंपनी की ओर से आवास की सुविधा और उपचार के लिए एक अस्पताल बनाया गया था। इसमें मजदूरी करने वाले लोगों के परिवार लाभान्वित होते थे। लेकिन जब सरकार की ओर से जब इन कारखानों को कोई मदद नहीं मिली तो यहां के व्यापारियों की हालत खराब होती चली गई। कारखाने सरकारी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में खंडहरों में तब्दील होते गये। अब आलम ये है कि भट्टियां टूटी हुई हैं, कारखानों में मजदूरों के आवास और अस्पताल भी खंडहर बन गया है।

उद्योग बंद होने के बाद हुआ पलायन
घाटे में आने के बाद कारखाना चलाने वाले व्यापारी भी नए काम की खोज में सासनी छोड़ गये। कुछ व्यापारियों ने नया काम शुरू कर दिया। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा नुकसान मजदूरों का हुआ, उन्हें कोई काम नहीं मिल सका और वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गये। कुछ लोग पलायन कर गये तो कुछ लोग मजदूरी कर गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं।

सरकार ध्यान दे तो फिर शुरू हो सकता है उद्योग
वैसे तो योगी सरकार उत्तर प्रदेश में उद्योंगो को बढ़ावा देने के लिए देश और विदेश से उद्योगपतियों को बुलाकर नए नए उद्योग स्थापित करने की बात कह रही है। लेकिन पहले से मौजूद उद्योगों की ओर सरकार का ध्यान नहीं है। यदि सरकार थोड़ा ध्यान दे तो बंद पड़े ये उद्योग फिर से शुरू होकर तमाम लोगों की रोजी रोटी का साधन बन सकते हैं।

Published on:
31 Aug 2018 11:31 am