हाथरस

Shweta Chaudhary: कौन हैं हाथरस नगर पालिका चेयरपर्सन श्वेता चौधरी? जिनकी शक्तियां सीज होने से मचा बवाल

Hathras Tender Irregularities: हाथरस नगर पालिका में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन टेंडर में कथित अनियमितताओं के बाद चेयरमैन श्वेता चौधरी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार शासन ने सीज कर दिए।
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Aug 05, 2026
Shweta Chaudhary Hathras Nagar Palika News Door to Door Garbage Collection Tender
चेयरमैन श्वेता चौधरी के अधिकार सीज (photo- x @Ashu9621101476)

Hathras Nagar Palika Chairperson: उत्तर प्रदेश के हाथरस नगर पालिका परिषद में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के टेंडर को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं ने बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। शासन ने नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए हैं। इस फैसले के बाद नगर पालिका में कामकाज और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

टेंडर प्रक्रिया की जांच के बाद हुई कार्रवाई

नगर विकास विभाग के आदेश के अनुसार, वर्ष 2024 में 35 वार्डों में घर-घर कूड़ा संग्रहण के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया को लेकर शिकायतें मिली थीं। शिकायतों के आधार पर हाथरस के जिलाधिकारी ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया के दौरान नियमों के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए। इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर शासन ने नगर पालिका अध्यक्ष के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने का फैसला लिया।

किन बिंदुओं पर उठे सवाल?

जांच में सामने आया कि निविदा की शर्तों के मुताबिक पहले तकनीकी मूल्यांकन होना चाहिए था और केवल तकनीकी रूप से योग्य फर्मों के वित्तीय प्रस्ताव खोले जाने थे। आरोप है कि इस प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि एल-1 फर्म की बैंक गारंटी की वैधता समाप्त होने के बावजूद वित्तीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इसके अलावा सितंबर 2024 के लिए करीब 22.45 लाख रुपये का भुगतान किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

अब आगे क्या होगा?

शासन के आदेश के बाद नगर पालिका परिषद में वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों की प्रक्रिया प्रभावित होगी। कर्मचारियों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर हलचल है। माना जा रहा है कि आगे की व्यवस्था शासन के निर्देशों के अनुसार संचालित की जाएगी।

कौन हैं श्वेता चौधरी?

श्वेता चौधरी ने वर्ष 2023 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर हाथरस नगर पालिका परिषद अध्यक्ष का चुनाव जीता था। वह भाजपा के पूर्व सांसद राजेश दिवाकर की पत्नी हैं और पार्टी संगठन में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। उनके कार्यकाल के दौरान नगर पालिका के कुछ कार्यों को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे।

राजनीतिक चर्चाएं भी तेज

चूंकि कार्रवाई एक सत्तारूढ़ दल की निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष पर हुई है, इसलिए जिले में इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, शासन ने अपने आदेश में कार्रवाई का आधार टेंडर प्रक्रिया में सामने आई कथित वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताओं को बताया है। मामले में आगे की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

Updated on:
05 Aug 2026 05:37 pm
Published on:
05 Aug 2026 05:37 pm