पिछले दो माह में लेखपालों द्वारा किसानों के काम किये जाने के बदले रिश्वत लेने के वायरल वीडियो ने सारी कलई खोल कर रख दी है।
हाथरस। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए योगी सरकार सभी कामों को ऑनलाइन करती जा रही है, फिर भी भ्रष्टचार की मजबूत जड़ों को खत्म करना नामुकिन नजर आ रहा है। हाथरस जिले में पिछले दो माह में लेखपालों द्वारा किसानों के काम किये जाने के बदले रिश्वत लेने के वायरल वीडियो ने सारी कलई खोल कर रख दी है। इन लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। ये वे मामले में हैं, जिनका किसानों ने खुद वीडियो बनाकर वायरल किया है। तमाम मामले तो पर्दे के पीछे ही खत्म हो जाते हैं। ये मामले के आने के बाद जिले के लेखपालों की कर्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए है। यही लेखपाल खुद को ईमानदार बताते हुए हड़ताल कर रहे हैं।
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केस नंबर 1
हाथरस के तहसील परिसर में एक पीड़ित व्यक्ति शंकर सिंह अपनी जमीन का हिस्सा प्रमाण पत्र लेने के लिए कई दिनों से तहसील परिसर के चक्कर लगा रहा था। जब स्थानीय लेखपाल से प्रमाणपत्र देने के लिए पीड़ित व्यक्ति ने कहा तो लेखपाल भानु प्रकाश उससे 2 हजार रुपये को माँग करने लगा। पीड़ित ने तंग आकर लेखपाल की घूसखोरी का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। घूसखोरी का वीडियो वायरल होने के बाद तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई थी ।
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केस नम्बर 2
थाना सादाबाद क्षेत्र के गाँव नगला पचौरी निवासी किसान प्रमोद पचौरी ने लेखपाल ह्रदेश गौतम पर अपने खेत सम्बन्धी कुछ काम कराने के लिए कई दिन तक चक्कर लगाए। लेखपाल ने उसका काम नहीं किया। किसान के मिन्नत और सिफारिश लगाने पर लेखपाल ने किसान से जल्द काम करने के नाम पर पांच हजार रुपये ले लिए। इसके बाद भी उसकी ज़मीन की नापजोख नहीं की। इसके बाद किसान ने उपजिलाधिकारी सादाबाद जय प्रकाश से शिकायत की। उपजिलाधिकारी सादाबाद जय प्रकाश ने मामले की जांच कराई। दोषी पाए जाने पर आरोपित लेखपाल हरदेश गौतम के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी।
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केस नम्बर 3
तहसील सिकंदराराऊ के एक लेखपाल का हिस्सा प्रमाणपत्र बनवाये जाने को लेकर एक किसान से 800 रुपए की मांग किये जाने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लेखपालों में हड़कम्प मच गया। सिकंदराराऊ तहसील के अंतर्गत गांव नौरथा के रहने वाले किसान धर्मेंद्र कुमार से लेखपाल ने खसरा के हिस्सा प्रमाणपत्र बनाये जाने के लिए 800 रुपए की मांग की थी। यह वीडियो खुद किसान ने लेखपाल से परेशान होकर बनाई थी।
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