Yamuna Expressway Accident : 6 महीने पहले एक बेटा खोया, अब हलवाई बेटे की मौत ने बुढ़ापे की लाठी छीन ली। यमुना एक्सप्रेस-वे पर बिखरीं लाशों ने एक लाचार पिता की दुनिया उजाड़ दी।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। हादसे में चौरंगाबीहड़ गांव के हलवाई विजय और उनकी पत्नी पिंकी की भी मौत हो गई। विजय की मौत से उनके बुजुर्ग माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब छह महीने पहले ही बड़े बेटे की बीमारी से मौत हो गई थी। अब छोटे बेटे विजय और उसकी पत्नी की सड़क हादसे में मौत ने माता-पिता से उनका बुढ़ापे का सहारा भी छीन लिया।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार की सुबह ईको कार और बस में टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद एक्सप्रेस-वे पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में मौके पर ही 7 लोगों ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी को अस्पताल पहुंचाया।
इस हादसे ने चौरंगाबीहड़ गांव के बुजुर्ग दंपती सुखराम और सुनीता को कभी न भरने वाले जख्म दिए हैं। उनके 5 बेटों में से सबसे बड़े अजय बघेल की मौत महज छह महीने पहले बीमारी के कारण हुई थी। अजय दिल्ली में हलवाई का काम करके परिवार चलाता था। उसकी मौत के बाद दूसरे नंबर के बेटे विजय ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई थी। विजय ही अपने माता-पिता का एकमात्र सहारा था, लेकिन इस हादसे ने उसे और उसकी पत्नी पिंकी को भी छीन लिया।
हादसे में मरने वालों में अजय का बेटा आर्यन और बेटी अंशु भी शामिल हैं। वहीं, अजय के बच्चे आर्यन और अंशु भी घायल हैं। इन मासूमों को क्या पता था कि जिस सफर पर वे अपनों के साथ निकले हैं वह उनके माता-पिता और अभिभावकों का आखिरी सफर साबित होगा। परिवार की बहू प्रीति जिसने छह महीने पहले पति को खोया था, अब अपने जेठ-जेठानी की मौत और बच्चों की हालत देखकर सुध-बुध खो बैठी है।
हादसे की खबर जैसे ही चौरंगाबीहड़ गांव पहुंची हर तरफ सन्नाटा पसर गया। गांव का हर व्यक्ति उन बुजुर्ग माता-पिता के आंसू पोंछने की कोशिश कर रहा है जो बार-बार ईश्वर से बस यही पूछ रहे हैं कि उन्हें उठाने से पहले उनके बेटों को क्यों छीन लिया? घायलों में विजय के बच्चों के अलावा ईको चालक वीरेंद्र, उसका बेटा आयुष, मनोज, उसकी पत्नी रानी और बेटा जयदीप भी शामिल हैं, जिनका उपचार जारी है।