स्वास्थ्य

2D Echo Test से किन 7 हार्ट बीमारियों का पता चल सकता है? Mayo Clinic से जानिए किसे कराना चाहिए यह टेस्ट

2D Echo Test क्यों कराया जाता है? Mayo Clinic और American Heart Association के अनुसार जानिए इस टेस्ट से किन 7 हार्ट बीमारियों का पता चलता है और किन लोगों को इसकी जरूरत पड़ सकती है।
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Jul 08, 2026
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दिल की बनावट और हार्ट बीमारियों की जांच के लिए 2D इकोकार्डियोग्राम (photo- freepik)

2D Echo Test: अगर डॉक्टर ने आपको 2D Echo (Echocardiogram) कराने की सलाह दी है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ हार्ट अटैक का टेस्ट है, लेकिन ऐसा नहीं है। 2D Echo एक सुरक्षित और दर्दरहित जांच है, जो ध्वनि तरंगों (Ultrasound) की मदद से दिल की बनावट, पंपिंग क्षमता और वाल्व की स्थिति को दिखाती है।

Mayo Clinic के अनुसार, Echocardiogram डॉक्टरों को यह समझने में मदद करता है कि दिल सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं। कई बार ECG के बाद या सांस फूलने, सीने में दर्द, धड़कन अनियमित होने या हार्ट मर्मर (Heart Murmur) सुनाई देने पर यह जांच कराई जाती है।

2D Echo Test से किन बीमारियों का पता चल सकता है?

  1. हार्ट वाल्व की बीमारी (Heart Valve Disease)

इस जांच से पता चलता है कि दिल के वाल्व ठीक से खुल और बंद हो रहे हैं या नहीं। वाल्व में लीकेज (Regurgitation) या संकुचन (Stenosis) जैसी समस्याओं की पहचान की जा सकती है।

  1. दिल की पंपिंग क्षमता (Heart Failure)

2D Echo से Ejection Fraction (EF) का आकलन किया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि दिल शरीर में कितनी प्रभावी तरीके से खून पंप कर रहा है। यह हार्ट फेल्योर के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण जांच है।

  1. जन्मजात हृदय दोष (Congenital Heart Disease)

कुछ लोगों में जन्म से ही दिल की संरचना में बदलाव होता है। Echocardiogram इन जन्मजात हृदय दोषों की पहचान करने में मदद करता है।

  1. हृदय की मांसपेशियों की बीमारी (Cardiomyopathy)

अगर दिल की मांसपेशियां मोटी, कमजोर या फैली हुई हों, तो 2D Echo से इसका पता लगाया जा सकता है।

  1. दिल के आसपास तरल जमा होना (Pericardial Effusion)

यह जांच बताती है कि दिल के आसपास की झिल्ली (Pericardium) में असामान्य रूप से तरल तो जमा नहीं हो रहा।

  1. हार्ट मर्मर की वजह

अगर डॉक्टर स्टेथोस्कोप से दिल की असामान्य आवाज (Heart Murmur) सुनते हैं, तो उसकी वजह जानने के लिए अक्सर 2D Echo कराया जाता है।

  1. हार्ट अटैक के बाद दिल को हुआ नुकसान

American Heart Association (AHA) के अनुसार, हार्ट अटैक के बाद Echocardiogram से यह देखा जा सकता है कि दिल के किस हिस्से को नुकसान पहुंचा है और उसकी पंपिंग क्षमता पर कितना असर पड़ा है।

किन लोगों को डॉक्टर 2D Echo कराने की सलाह दे सकते हैं?

Mayo Clinic के अनुसार, डॉक्टर निम्न स्थितियों में यह जांच लिख सकते हैं-

  • बार-बार सीने में दर्द
  • थोड़ी मेहनत में सांस फूलना
  • पैरों में सूजन
  • धड़कन का तेज या अनियमित होना
  • बार-बार चक्कर या बेहोशी
  • हार्ट मर्मर सुनाई देना
  • हार्ट अटैक के बाद फॉलो-अप के लिए

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
08 Jul 2026 03:22 pm
Published on:
08 Jul 2026 03:22 pm
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