स्वास्थ्य

40वां जन्मदिन! अब तो अपना ख्याल रखें

40 की उम्र में हार्मोनल (Hormonal) असंतुलन से महिलाओं में शारीरिक व मानसिक बदलाव आते हैं। ताकत व खूबसूरती घटने लगती है। मोटापा बढऩे, हड्डियां व पाचन तंत्र कमजोर होने जैसे लक्षणों में अपने को फिट रखना जरूरी है। इस उम्र में 'एम्प्टीनेस सिंड्रोम' से घबराहट, बेचैनी होता है और आत्मविश्वास भी घटता है।
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Updated: 23 Jun 2021, 7:38 PM IST
Mom at 40
Mom at 40

40 की उम्र में हार्मोनल (Hormonal) असंतुलन से महिलाओं में शारीरिक व मानसिक बदलाव आते हैं। ताकत व खूबसूरती घटने लगती है। मोटापा बढऩे, हड्डियां व पाचन तंत्र कमजोर होने जैसे लक्षणों में अपने को फिट रखना जरूरी है। इस उम्र में 'एम्प्टीनेस सिंड्रोम' से घबराहट, बेचैनी होता है और आत्मविश्वास भी घटता है। एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से शारीरिक संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में व्यायाम व पौष्टिक आहार फिट रखेंगे।

सेहत के सूत्र
टहलें व व्यायाम करें : रोजाना कम से कम 20 मिनट टहलें। सप्ताह में 3-4 बार 45 मिनट के लिए वर्कआउट करें। शारीरिक व्यायाम के अलावा योग व ध्यान भी मानसिक फिटनेस के लिए जरूरी हैं।

सही खानपान : इस उम्र में पोषक तत्वों के हिसाब से डाइट चार्ट बनाएं व उसे लागू करें। सब्जियां, फल, सभी तरह के अनाज, हल्का चिकन और मीट, मछली, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद खाएं।

अच्छी किताबें पढ़ें व अच्छे से सोएं : मोटिवेशन के लिए सोने से पहले पसंदीदा किताब पढ़ें। थकान को दूर करने व तरोताजा होने के लिए 8 घंटे की भरपूर नींद जरूरी है।

रुटीन चेकअप जरूरी : ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थायरॉयड, कैल्शियम, विटामिन की जांच के साथ स्तनों की जांच भी जरूरी होती है।

बढ़ जाती है इनकी आशंका : हृदय रोग, गठिया, डायबिटीज, हृदय की अनियमित गति, झुर्रियां व मीनोपोज में एस्ट्रोजन की कमी से हड्डियों का भुरभुरापन,धमनियों का सिकुडऩा, कमर दर्द, शरीर से असामान्य स्राव।

ऐसा हो डाइट चार्ट
फाइबर फूड का सेवन बढ़ाएं। गेहूं व ज्वार का बीटा-ग्लूकॉन्स खून में पाई जाने वाली चर्बी को कम करता है।

जौ का एवेंथ्रामाईड एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करता है और एथेरोस्केलेरोसिस को घटाता है।

बादाम डायबिटीज नियंत्रण व कोलेस्टेरोल को सामान्य करता है।

सोयाबीन का आइसोफ्लेवोंस मीनोपोज के दौरान बोन डेन्सिटी को ठीक करता है।

टमाटर में मौजूद लाइकोपीन से हृदय रोग व कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

40 की उम्र बुढ़ापे का लक्षण नहीं है। इस उम्र में महिलाएं मैच्योर होती हैं। फिटनेस के लिए रूटीन चैकअप पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पौष्टिक आहार के प्रति भी सजग रहना चाहिए। एकल परिवार के कंसेप्ट के कारण महिलाओं में घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं इसलिए धार्मिक, सामाजिक व घरेलू व्यस्तता को बढ़ाना चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
23 Jun 2021, 7:38 PM IST
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