Diabetes Emergency Risk: Abbott के FreeStyle Libre 3 सेंसर गलत ग्लूकोज रीडिंग दे रहे हैं। FDA ने इसे हाई-रिस्क बताया। 7 मौतें और 700 गंभीर मामले रिपोर्ट। चेक करें आपका डिवाइस सुरक्षित है या नहीं।
Glucose Monitor Death 2025: दुनियाभर में डायबिटीज के करोड़ों मरीज अपनी शुगर चेक करने के लिए ग्लूकोज मॉनिटर पर भरोसा करते हैं। लेकिन हाल ही में एक बड़ा मामला सामने आया है जिसने मरीजों और डॉक्टरों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। US FDA (Food and Drug Administration) की एक चेतावनी के मुताबिक, Abbott Diabetes Care के कुछ glucose monitors गलत रीडिंग दे रहे हैं, और यही गलती कम से कम 7 लोगों की मौत और 700 से ज्यादा गंभीर चोटों से जुड़ी हुई है।
Abbott ने बताया कि करीब 30 लाख FreeStyle Libre 3 और FreeStyle Libre 3 Plus sensors इस समस्या से प्रभावित हैं। अच्छी बात यह है कि Libre के बाकी प्रोडक्ट सुरक्षित हैं और उनसे कोई दिक्कत रिपोर्ट नहीं हुई है। Abbott ने मरीजों से कहा है कि वे FreeStyleCheck.com पर जाकर अपने सेंसर का नंबर डालें और चेक करें कि वह प्रभावित लॉट में तो नहीं है। अगर आपका सेंसर खराब बैच में है तो कंपनी आपको फ्री में रिप्लेसमेंट दे रही है।
डायबिटीज कंट्रोल पूरी तरह सही रीडिंग पर निर्भर करता है। अगर मशीन गलत नंबर दिखाए, तो मरीज बेवजह ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खा सकता है। इंसुलिन की डोज स्किप या देर से ले सकता है। अनजाने में गलत ट्रीटमेंट कर सकता है। FDA के मुताबिक, अगर लंबे समय तक गलत "लो ग्लूकोज" दिखता रहा, तो मरीज यह सोच सकता है कि उसकी शुगर गिर रही है और वह लगातार खाना खाता रहेगा या इंसुलिन लेना टाल देगा। इससे गंभीर हेल्थ इमरजेंसी, बेहोशी, कोमा या मौत तक हो सकती है। Abbott का कहना है कि अमेरिका में लगभग 60 गंभीर चोटें रिपोर्ट हुई हैं। लेकिन इनमें से कोई भी मामला जानलेवा नहीं था। दुनियाभर में हुई मौतें अमेरिका के बाहर की रिपोर्ट्स में सामने आई हैं।
Abbott का कहना है कि जिसकी वजह से सेंसर गलत काम कर रहे थे, वह मैन्युफैक्चरिंग इश्यू अब ठीक कर दिया गया है।
कंपनी ने यह भी कहा कि प्रोडक्शन जारी है। नए ऑर्डर पर असर नहीं पड़ेगा। रिप्लेसमेंट में भी कोई बड़ी देरी नहीं होगी। यानी, सप्लाई में बड़े व्यवधान की उम्मीद नहीं है। CDC के अनुसार, अमेरिका में हर 10 में से 1 व्यक्ति यानि 38 मिलियन लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। यह देश में मौत का सातवां सबसे बड़ा कारण है। ऐसे में गलत रीडिंग देने वाले उपकरण सीधे मरीज की जान जोखिम में डाल सकते हैं।