स्वास्थ्य

Amlodipine: हाई BP की दवा Amlodipine लेते हैं, NHS से जानिए कैसे काम करती है यह दवा और किन बातों का रखें ध्यान

Amlodipine Side Effect: क्या आप भी हाई ब्लड प्रेशर के लिए Amlodipine दवा लेते हैं? जानिए NHS के अनुसार यह टैबलेट शरीर में कैसे काम करती है, इसके साइड इफेक्ट्स क्या हैं और इसे लेते समय किन बड़ी गलतियों से बचना जरूरी है।
2 min read
• •
Updated: 17 Jul 2026, 11:07 AM IST
Amlodipine uses and side effects,How Amlodipine works for high BP,High blood pressure medicine tips,
एम्लोडिपाइन एक ऐसी दवा है जो हमारी सिकुड़ी हुई खून की नलियों को आराम देने का काम करती है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Amlodipine Side Effect Hindi: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर (High BP) एक बहुत ही आम समस्या बन चुका है। डॉक्टर बीपी को कंट्रोल में रखने के लिए कई तरह की दवाइयां देते हैं, जिनमें से एक सबसे जाना-माना नाम है एम्लोडिपाइन (Amlodipine)।

अगर आप या आपके परिवार में कोई इस टैबलेट को लेता है, तो NHS (नेशनल हेल्थ सर्विस) के मुताबिक, आपको इसके बारे में कुछ जरूरी बातें जरूर पता होनी चाहिए। आइए समझते हैं कि यह दवा हमारे शरीर में क्या काम करती है और इसे लेते समय क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए।

एम्लोडिपाइन (Amlodipine) क्या है और यह कैसे काम करती है?

एम्लोडिपाइन एक ऐसी दवा है जो हमारी सिकुड़ी हुई खून की नलियों (Blood Vessels) को आराम देने और उन्हें चौड़ा करने का काम करती है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि जब पानी का पाइप पतला या दबा हुआ होता है, तो पानी का प्रेशर बहुत तेज होता है। ठीक वैसे ही जब हमारी खून की नलियां तंग हो जाती हैं, तो दिल को खून पंप करने में ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है, जिसे हम हाई बीपी कहते हैं।

एम्लोडिपाइन इन नलियों को फैलाकर ढीला कर देती है, जिससे खून का बहाव आसान हो जाता है और ब्लड प्रेशर अपने आप नॉर्मल आ जाता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, एमलोडिपाइन का उपयोग क्रोनिक स्टेबल एंजाइना या वैसोस्पास्टिक एंजाइना से राहत दिलाने के लिए भी किया जाता है। इससे दिल का दौरा (Heart Attack) और स्ट्रोक का खतरा बहुत कम हो जाता है।

दवा लेते समय किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है?

अगर आप एम्लोडिपाइन खा रहे हैं, तो इन 4 बातों को कभी न भूलें;

1. वक्त का पाबंद रहें- इस दवा को रोज एक ही तय समय पर लें, चाहे सुबह लें या रात को। इससे शरीर में दवा का लेवल बराबर बना रहता है। आप इसे खाना खाने से पहले या खाना खाने के बाद, कभी भी ले सकते हैं।

2. चक्कर आने पर सावधानी बरतें- जब आप यह दवा शुरू करते हैं, तो शुरुआत में थोड़ा चक्कर आना या सिर घूमना आम बात है। इसलिए जब भी आप बैठे या लेटे हों, तो अचानक झटके से खड़े न हों, बल्कि धीरे-धीरे उठें।

3. भूलकर भी दवा न छोड़ें- कई बार लोग सोचते हैं कि अब तो बीपी नॉर्मल आ गया है, तो दवा बंद कर देते हैं। यह सबसे खतरनाक गलती है! ब्लड प्रेशर नॉर्मल इसलिए है क्योंकि दवा काम कर रही है। डॉक्टर से बिना पूछे दवा कभी बंद न करें।

4. शराब से दूरी बनाएं- इस दवा के साथ शराब पीने से अचानक ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा गिर सकता है, जिससे आपको तेज चक्कर आ सकते हैं या आप बेहोश भी हो सकते हैं।

क्या इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं?

हर दवा की तरह एम्लोडिपाइन के भी कुछ हल्के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जो आमतौर पर कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं;

  • टखनों या पैरों में सूजन (Ankle Swelling) ।
  • सिरदर्द या हर वक्त थकान महसूस होना।
  • दिल की धड़कन का तेज महसूस होना (Palpitations)।
  • चेहरे पर अचानक लाली या गर्मी महसूस होना (Flushing)।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
17 Jul 2026, 11:07 AM IST
Published on:
Also Read
View All
पुलिस की दोहरी कार्रवाई: 27 किलो डोडा चूरा के साथ गिरफ्तार आरोपी के घर चल रही थी नकली घी की फैक्ट्री

Cancer Pain: कैंसर के दर्द को सहना जरूरी नहीं, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए दर्द से राहत देने वाले उपचार और प्रभावी तरीके

Age Regression: डर, तनाव या पुराने सदमे से जुड़ा हो सकता है बचपन जैसा व्यवहार, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए एज रिग्रेशन के संकेत

Shamonda Virus Explained: फ्रांस में पहली बार इंसान में कैसे पहुंचा शामोन्डा वायरस, WHO और ECDC से जानें फैलने का तरीका

World Polio Day 2026: क्या आपके बच्चे का पोलियो टीकाकरण पूरा है? सीडीसी से जानें कैसे काम करती है ये वैक्सीन, OPV और fIPV का सही चार्ट