
Aquagenic Wrinkling Symptoms: कपड़े धोते समय, बर्तन साफ करते समय या स्विमिंग पूल में थोड़ी देर रहने के बाद उंगलियों और हथेलियों का सिकुड़ जाना बहुत सामान्य बात है। हम सब बचपन से ही यह देखते आ रहे हैं। आमतौर पर त्वचा को पानी में सिकुड़ने में 10 से 15 मिनट का समय लगता है।लेकिन क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि पानी में हाथ डालते ही, सिर्फ 2 से 3 मिनट के भीतर हथेलियां बहुत ज्यादा सिकुड़ जाएं? त्वचा एकदम सफेद, सख्त या उसमें हल्की जलन और खुजली होने लगे? डर्मनेट आर्गेनाईजेशन के अनुसार, मेडिकल भाषा में हथेलियों का पानी में बहुत जल्दी और असामान्य रूप से सिकुड़ जाना एक्वाजेनिक रिंकलिंग ऑफ द पाल्म्स (Aquagenic Wrinkling of the Palms - AWP) कहलाता है।
बच्चों और युवाओं में एक्वाजेनिक रिंकलिंग के मामलों (Case Reports) पर आधारित है। इंडियन जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक्स (स्प्रिंगर / नेचर लिंक) के एक शोध के अनुसार, कैसे पानी या पसीने में हाथ डालते ही 2 से 3 मिनट के अंदर हथेलियों में सफेद उभार (Edematous plaques) और झुर्रियां बन जाती हैं, जिसे Hand-in-bucket sign भी कहा जाता है। आइए समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है और यह किस बात का इशारा हो सकता है।
जामानेटवर्क जर्नल(JAMA) के अनुसार, पहले लोग सोचते थे कि पानी में देर तक रहने पर त्वचा पानी सोख लेती है और फूलकर सिकुड़ जाती है। लेकिन वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसा नहीं है। दरअसल, जब हमारे हाथ पानी के संपर्क में आते हैं, तो हमारा नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) त्वचा के नीचे की खून की नसों को सिकुड़ने का मैसेज भेजता है। जब नसें सिकुड़ती हैं, तो त्वचा के नीचे की जगह थोड़ी कम हो जाती है और ऊपर की त्वचा में झुर्रियां या सलवटें पड़ जाती हैं। यह प्रकृति का एक तरीका है ताकि पानी में भी हमारी उंगलियों की ग्रिप (पकड़) बनी रहे और चीजें हाथ से न फिसलें।
एक्वाजेनिक रिंकलिंग का सबसे बड़ा संबंध सिस्टिक फाइब्रोसिस नाम की एक जेनेटिक (आनुवंशिक) स्थिति से है। जो लोग इस बीमारी के वाहक (Carriers) होते हैं या जिन्हें यह बीमारी होती है, उनकी त्वचा में नमक (Salt/Chloride) का संतुलन अलग होता है। इस वजह से उनकी त्वचा पानी को बहुत तेजी से सोखती है और तुरंत सिकुड़ जाती है।
आम तौर पर सिकुड़न आने में 10 से 15 मिनट लगते हैं। लेकिन एक्वाजेनिक रिंकलिंग (AWP) से पीड़ित लोगों में यह प्रक्रिया बहुत तेजी से होती है;
1.पसीना ज्यादा आना (Hyperhidrosis)- जिन लोगों की हथेलियों में सामान्य से बहुत ज्यादा पसीना आता है, उनमें भी यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। पसीने की ग्रंथियों और नसों के ज्यादा संवेदनशील होने के कारण पानी संपर्क में आते ही त्वचा तुरंत प्रतिक्रिया देती है।
2. कुछ दवाओं का असर- साइंसडायरेक्ट के एक शोध में पाया गया है कि कुछ खास दवाएं (जैसे दर्दनिवारक दवाएं COX-2 Inhibitors या पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं) लेने से भी शरीर में पानी और नमक का संतुलन प्रभावित होता है, जिससे हथेलियां पानी में जल्दी सिकुड़ने लगती हैं।
3. त्वचा में प्रोटीन का संतुलन बिगड़ना- हथेलियों की त्वचा की ऊपरी परत में 'एक्वापोरिन' (Aquaporin) नाम का प्रोटीन होता है जो पानी की आवाजाही को संभालता है। जब इस प्रोटीन का काम प्रभावित होता है, तो पानी त्वचा के अंदर तेजी से रुकने लगता है और रिंकलिंग हो जाती है।
अगर आपकी उंगलियां 10-15 मिनट पानी में रहने के बाद सिकुड़ती हैं, तो यह बिल्कुल नॉर्मल है और घबराने की कोई बात नहीं है। लेकिन आपको डॉक्टर (Dermatologist) से सलाह लेनी चाहिए अगर;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।