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हाथ-पैर में बिना वजह चींटी चलने जैसा एहसास क्यों होता है? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें Paresthesia के कारण

Paresthesia Cause: हाथ-पैर में बार-बार चींटी चलने या झनझनाहट होने से परेशान हैं? क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic), हेल्थलाइन (Healthline) और वेबएमडी (WebMD) की रिपोर्ट के अनुसार जानें Paresthesia के कारण और लक्षण।
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भारत

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Nidhi Yadav

Aug 13, 2026

Paresthesia causes and symptoms,Pins and needles in hands and feet,Numbness and tingling in limbs,

हाथ में चींटी चलने जैसा एहसास क्यों होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Paresthesia Symptoms: कई बार बैठे-बैठे, टीवी देखते हुए या सुबह सोकर उठते ही अचानक हाथ या पैर में अजीब सी झनझनाहट होने लगती है। ऐसा लगता है जैसे अंदर ढेर सारी चींटियां रेंग रही हों, कोई सुई चुभो रहा हो या फिर वो अंग पूरी तरह से सो गया हो। हम-आप इसे हाथ-पैर का सो जाना कह देते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, इस झनझनाहट और सुन्नपन को पेरेस्थीसिया (Paresthesia) कहते हैं। वैसे तो ज्यादातर मामलों में यह 1-2 मिनट में खुद ही ठीक हो जाता है, लेकिन अगर आपके साथ ऐसा बार-बार हो रहा है और बिना किसी वजह के हाथ-पैर में चींटी चलने जैसा लगता रहता है, तो इसे अनदेखा न करें। यह आपकी नसों (Nerves) के कमजोर होने का संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि आखिर ऐसा होता क्यों है।

पेरेस्थीसिया (Paresthesia) होता क्या है?

वेबएमडी के अनुसार, जब हमारी नसों पर किसी वजह से दबाव पड़ता है, तो दिमाग तक जो मैसेज या सिग्नल पहुंचते हैं, वे बीच में ही अटक जाते हैं। सिग्नल रुकने की वजह से ही उस जगह पर झनझनाहट, जलन या चींटी चलने जैसा महसूस होता है। थोड़ी देर वाला (अस्थायी) पेरेस्थीसिया बहुत आम है। जैसे जब आप काफी देर तक पालथी मारकर बैठ जाते हैं, पैरों पर पैर चढ़ाकर बैठते हैं या हाथ के ऊपर सिर रखकर सो जाते हैं। जैसे ही आप उठते हैं या अपनी पोजीशन बदलते हैं, नसों से दबाव हट जाता है और झनझनाहट 1-2 मिनट में खत्म हो जाती है। लंबे समय तक रहने वाला (क्रॉनिक) पेरेस्थीसिया तब होता है जब हाथ-पैर में झनझनाहट और सुन्नपन लगातार बना रहता है या बार-बार होने लगता है। यह इस बात का इशारा है कि नसों को अंदर से नुकसान पहुंच रहा है।

हाथ-पैर में बिना वजह चींटी चलने की बड़ी वजहें

हेल्थलाइन के अनुसार, अगर आपके हाथ-पैर में बिना किसी बाहरी दबाव के बार-बार सुन्नपन या चींटियां चलने जैसा लग रहा है, तो इसकी पीछे ये वजहें हो सकती हैं;

1.नस का दब जाना- अगर रीढ़ की हड्डी या कलाई की नस पर आसपास की मांसपेशियों या हड्डियों का दबाव पड़ जाए, तो यह समस्या होती है।

2. कमर या गर्दन की नस दबना (स्लिप डिस्क)- रीढ़ की हड्डी की गद्दी खिसकने से कमर या गर्दन की नसें दब जाती हैं, जिसका असर पैरों और हाथों की उंगलियों तक दिखाई देता है।

3. शरीर में विटामिन B12 की कमी- हमारी नसों को मजबूत और सही रखने के लिए विटामिन B12 सबसे जरूरी चीज है। जब शरीर में B12, B6 या फोलेट की कमी हो जाती है, तो नसें कमजोर पड़ने लगती हैं। नतीजतन, हाथ-पैर में चींटियां रेंगने जैसा एहसास होने लगता है।

4. शुगर या डायबिटीज- अगर लंबे समय तक खून में शुगर का स्तर बढ़ा रहे, तो यह सीधे हमारी नसों को नुकसान पहुंचाता है। इसे 'डायबिटिक न्यूरोपैथी' कहते हैं। डायबिटीज के मरीजों में पैरों के तलवों और हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन और जलन होना बहुत शुरुआती लक्षण है।

5. थायराइड का गड़बड़ होना- जब थायराइड ग्रंथि सही से काम नहीं करती (हाइपोथायराइडिज्म), तो शरीर में फ्लूइड जमा होने लगता है। इससे नसों पर सूजन आ जाती है और दबाव बढ़ता है, जिससे हाथ-पैर सुन्न होने लगते हैं।

6. बहुत ज्यादा शराब पीना- ज्यादा शराब पीने से न सिर्फ शरीर को जरूरी पोषण मिलना बंद हो जाता है, बल्कि शराब का जहरीला असर सीधे नसों को कमजोर कर देता है। इससे पैरों में हमेशा झुनझुनी बनी रहती है।

पेरेस्थीसिया में आपको क्या-क्या महसूस हो सकता है?

  • हाथ, पैर या तलवों में सुइयां चुभने जैसा लगना।
  • त्वचा पर कीड़े या चींटियां चलने जैसा एहसास या हल्की जलन होना।
  • वह हिस्सा थोड़ी देर के लिए पूरी तरह सुन्न हो जाना।
  • हाथ से चीजें पकड़ने में ग्रिप कमजोर पड़ना या हाथ से सामान छूट जाना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।