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Hand Sensations: हाथों में झनझनाहट, जलन, ठंडापन या करंट जैसा एहसास, हर लक्षण किस बीमारी की ओर इशारा करता है?

Tingling in Hands and Feet Causes: हाथ-पैर में झुनझुनी, सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास बार-बार हो रहा है? Mayo Clinic और Healthline के अनुसार, जानिए इसके 10 प्रमुख कारण, लक्षण और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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Tingling, Tingling Causes

Tingling in Hands and Feet Causes/ image credit freepik

Tingling in Hands and Feet Causes: हाथ-पैर में झुनझुनी या सुई चुभने जैसी सनसनाहट महसूस होना एक आम समस्या हो सकती है। कई बार लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने, हाथ पर सो जाने या पैरों को ज्यादा देर तक क्रॉस करके रखने के कारण कुछ समय के लिए हाथ-पैर सुन्न या झनझनाने लगते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके पीछे नसों से जुड़ी कोई समस्या या दूसरी स्वास्थ्य स्थिति भी जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि हाथ-पैर में झुनझुनी क्यों होती है, इसके पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं और किन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

हाथ-पैर में झुनझुनी क्यों होती है?

Mayo Clinic और Healthline के अनुसार, हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। नसों पर दबाव पड़ना, नसों में चोट या नुकसान, डायबिटीज, कुछ विटामिन की कमी और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इसके संभावित कारण हो सकते हैं। इस तरह की झुनझुनी को मेडिकल भाषा में पेरेस्थीसिया (Paresthesia) भी कहा जाता है। कभी-कभी यह समस्या अस्थायी होती है और शरीर की स्थिति बदलने या आराम करने के बाद अपने आप ठीक हो जाती है। वहीं, बार-बार या लगातार होने वाली झुनझुनी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकती है।

हाथ-पैर में झुनझुनी के क्या कारण हो सकते हैं?

हाथ-पैर में झुनझुनी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

1. लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना

अगर आप लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठे या लेटे रहते हैं, तो किसी नस पर दबाव पड़ सकता है। इसी वजह से हाथ या पैर में कुछ समय के लिए सुन्नपन या झुनझुनी महसूस हो सकती है। 

2. नस पर दबाव 

जब आसपास के ऊतकों की वजह से किसी नस पर ज्यादा दबाव पड़ता है, तो उसे पिंच्ड नर्व (Pinched Nerve) कहा जाता है। चोट, बार-बार एक जैसी गतिविधि करने या सूजन के कारण नस दब सकती है। इससे प्रभावित हिस्से में झुनझुनी, सुन्नपन या दर्द हो सकता है।

3. डायबिटीज

डायबिटीज के कारण होने वाली डायबिटिक न्यूरोपैथी भी हाथ-पैर में झुनझुनी का कारण बन सकती है। 

4. विटामिन की कमी

विटामिन B12, B6, B1, E और फोलेट (Vitamin B9) की कमी कुछ लोगों में हाथ-पैर में झुनझुनी या दर्द से जुड़ी हो सकती है।

5. कार्पल टनल सिंड्रोम

Carpal Tunnel Syndrome में कलाई से गुजरने वाली मीडियन नर्व पर दबाव पड़ता है। इसके कारण हाथ और उंगलियों में सुन्नपन या झुनझुनी महसूस हो सकती है। 

6. किडनी से जुड़ी समस्या

किडनी ठीक तरह से काम न करने पर शरीर में तरल पदार्थ और अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं। इससे नसों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बन सकती है और झुनझुनी महसूस हो सकती है। 

7. गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाली सूजन कुछ नसों पर दबाव डाल सकती है। इसकी वजह से हाथों और पैरों में झुनझुनी महसूस हो सकती है। 

8. दवाओं का असर

कुछ दवाओं के कारण भी नसों को नुकसान पहुंच सकता है और हाथ-पैर में झुनझुनी हो सकती है। इसलिए अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।

9. ऑटोइम्यून बीमारियां

रूमेटाइड आर्थराइटिस, मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS), ल्यूपस और सीलिएक डिजीज जैसी कुछ ऑटोइम्यून स्थितियों में भी हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन हो सकता है।

10. थायरॉइड 

गंभीर और लंबे समय तक इलाज न किए गए हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism) में कभी-कभी नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके कारण झुनझुनी या सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

हाथ-पैर में झुनझुनी के साथ कौन से लक्षण हो सकते हैं?

झुनझुनी के साथ हर व्यक्ति में अलग-अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • हाथ या पैर में सुन्नपन महसूस होना।
  • सुई चुभने या पिन-एंड-नीडल्स जैसी सनसनाहट।
  • प्रभावित हिस्से में जलन या दर्द होना।
  • हाथ या पैर में कमजोरी महसूस होना।
  • छूने पर ज्यादा संवेदनशीलता महसूस होना।
  • मांसपेशियों में कमजोरी होना।
  • हाथ-पैर के किसी हिस्से में संवेदना कम होना।
  • चलने या शरीर का संतुलन बनाए रखने में परेशानी होना।
  • दर्द का नस के रास्ते दूसरे हिस्से तक फैलना।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर झुनझुनी लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने के कारण हुई है, तो स्थिति बदलने और प्रभावित हिस्से को सामान्य रूप से हिलाने-डुलाने से आराम मिल सकता है। लेकिन अगर झुनझुनी बार-बार हो रही है या इसका कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज किए बिना डॉक्टर से संपर्क करें। 

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है।