Asha Bhosle Death: दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया है। जानें क्या है कार्डियक अरेस्ट, इसके लक्षण और बचाव के तरीके।
Asha Bhosle Death Reason: सुरों की मल्लिका और दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की उम्र में आशा जी पहले से ही चेस्ट इन्फेक्शन और कमजोरी से जूझ रही थीं। शनिवार (11 अप्रैल) को उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। जिसके बाद उनकी हालत और ज्यादा गंभीर हो गई, उनके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया (Multi-organ failure) और रविवार दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली।
बुढापे में कार्डियक अरेस्ट एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर यह क्या होता है और इसके लक्षण क्या हैं।
अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है। वहीं, कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। यह दिल के अंदरूनी इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी के कारण होता है। इसमें मरीज को संभलने का मौका बहुत कम मिलता है।
कार्डियक अरेस्ट अचानक आता है, लेकिन शरीर कुछ संकेत दे सकता है जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और तनाव भी कार्डियक अरेस्ट के बड़े कारण हैं। खराब जीवनशैली और शारीरिक सक्रियता की कमी भी बुजुर्गों में इस खतरे को बढ़ा रही है।
कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए दिल की सेहत का ख्याल रखना सबसे जरूरी है:
अगर आपके सामने किसी को कार्डियक अरेस्ट आए, तो तुरंत एम्बुलेंस को फोन करें। मदद आने तक मरीज को सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू करें। इसमें मरीज की छाती के बीचों-बीच दोनों हाथों से तेजी से दबाव दिया जाता है। इससे दिल को कृत्रिम रूप से धकाने में मदद मिलती है और जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।