
IBS Early death risk study (Image Credit- Freepik)
Irritable Bowel Syndrome: पेट से जुड़ी गंभीर समस्या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम यानी IBS के मरीजों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एक हालिया शोध में दावा किया गया है कि IBS के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ आम दवाओं का लंबे समय तक सेवन अकाल मृत्यु के खतरे को बढ़ा सकता है। लॉस एंजिल्स स्थित सीडर्स सिनाई हेल्थ साइंसेज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने करीब 6.70 लाख लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद यह चेतावनी जारी की है।
रिसर्च के अनुसार IBS के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए दी जाने वाली लोपेरामाइड और डिफेनोक्सीलेट जैसी दवाओं का लंबे समय तक उपयोग मौत के जोखिम को दोगुना कर सकता है। इसके अलावा विशेषज्ञों ने पाया कि IBS के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के सेवन से भी जोखिम में 35 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दवाएं सीधे तौर पर जान नहीं लेतीं लेकिन इनके लंबे इस्तेमाल से दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
रिसर्च के मुख्य लेखक डॉ अली रजाई ने साफ किया है कि मरीजों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। किसी भी एक व्यक्ति के लिए यह जोखिम सांख्यिकीय रूप से कम है, चूंकि ज्यादातर क्लीनिकल ट्रायल एक साल से कम समय के होते हैं इसलिए इन दवाओं के दीर्घकालिक प्रभावों की जानकारी अब तक सीमित थी। यह स्टडी सिर्फ इसलिए की गई है ताकि भविष्य में डॉक्टर और मरीज इलाज को लेकर ज्यादा सतर्क और सही फैसला ले सकें।
IBS होने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे ये वजहें हो सकती हैं:
Published on:
12 Apr 2026 12:49 pm
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