Asthma Diet Restrictions: अस्थमा एक श्वसन संबंधी बीमारी है। जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। कुछ खाने की चीजें इस समस्या को और भी बढ़ा सकती हैं, इससे बचने के लिए आपको इन 5 चीजों को अपने थाली से बाहर निकाल देना चाहिए।
Asthma Diet Restrictions: जो लोग अस्थमा से पीड़ित हैं, उन्हें दवाइयों के साथ अपने खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। दवाइयां अस्थमा को सिर्फ कंट्रोल में रखती हैं, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों से बचना अस्थमा में संजीवनी का काम करता है, क्योंकि ये शरीर में सूजन, एलर्जी और बलगम को बढ़ाते हैं, जिससे अस्थमा के लक्षण ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। अस्थमा जैसी बीमारी में उपचार से ज़्यादा बचाव की जरूरत होती है। यदि आपको अस्थमा है, तो जानिए ऐसे 5 खाद्य पदार्थ जिनसे बचकर आप इस गंभीर बीमारी में भी अपने फेफड़ों को स्वस्थ रख सकते हैं। अस्थमा सीधे तौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है। अस्थमा की स्थिति में किन चीजों से परहेज करना चाहिए
अगर आपको अस्थमा है, तो अधिक सोडियम वाली चीजें खाने से बचना चाहिए। ज्यादा नमक खाने से अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है। जब आप बहुत नमकीन खाना खाते हैं, तो श्वसन मार्ग अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इसका मतलब यह है कि ऐसे लोगों को जल्दी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नमकीन स्नैक्स (चिप्स, भुजिया) और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट से दूर रखें।
सल्फाइट ऐसे रसायन होते हैं जिनका उपयोग खाद्य पदार्थों को ताजा रखने और उनके रंग को खराब होने से बचाने के लिए किया जाता है। अस्थमा से पीड़ित कुछ लोग सल्फाइट के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे अचानक अस्थमा के लक्षण शुरू हो सकते हैं। सल्फाइट वाले खाद्य पदार्थों में सूखे मेवे, शराब, बोतलबंद नींबू का रस और कुछ प्रकार के अचार शामिल हैं।
फास्ट फूड जैसे चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, और डीप-फ्राई किए गए खाद्य पदार्थ फैक्ट्रियों में तैयार होते हैं। इनमें पोषण की कमी होती है और ये हानिकारक वसा और सोडियम से भरपूर होते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जो अस्थमा के लक्षणों को और गंभीर बना देते हैं।
डेयरी उत्पादों में दूध, दही, पनीर और मक्खन शामिल हैं। सभी अस्थमा मरीजों को ये नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन फिर भी इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। कई बार डेयरी उत्पाद बलगम को बढ़ा देते हैं, जो फेफड़ों और गले में जमा होकर सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है।
मूंगफली के उत्पाद और पानी में पाई जाने वाली कुछ मछलियां जैसे झींगा, केकड़ा और सीप आम एलर्जी कारक हैं। यदि आपको किसी विशेष चीज से एलर्जी है, तो उसके सेवन पर शरीर गंभीर प्रतिक्रिया दे सकता है, जो कई बार अस्थमा के दौरे की वजह भी बन सकता है। यदि ऐसा हो, तो तुरंत उसे खाना बंद करें और डॉक्टर से सलाह लें।