Backward Walking यानी उल्टा चलना आपकी फिटनेस और ब्रेन हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। जानिए इसके फायदे, सही तरीका और सेफ्टी टिप्स।
Backward Walking Benefits: आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड काफी वायरल हो रहा है बैकवर्ड वॉकिंग, यानी उल्टा चलना। सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि सेहत के लिए काफी फायदेमंद आदत है।
बैकवर्ड वॉकिंग का मतलब है सामने की बजाय पीछे की ओर चलना। शुरुआत में यह थोड़ा मुश्किल और असहज लग सकता है, लेकिन यही चीज आपके शरीर और दिमाग दोनों को ज्यादा एक्टिव बनाती है।
जब आप उल्टा चलते हैं, तो आपका शरीर ज्यादा कंट्रोल और संतुलन मांगता है। इससे आपका बैलेंस और बॉडी अवेयरनेस बेहतर होता है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ यह गिरने के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह एक्सरसाइज आपके पैरों की अलग-अलग मसल्स जैसे जांघ (थाई), पिंडलियां (काफ), और कोर मसल्स को मजबूत बनाती है। यह मसल्स को नए तरीके से काम करने पर मजबूर करती है, जिससे उनकी ताकत बढ़ती है।
डॉक्टर बताते हैं कि बैकवर्ड वॉकिंग घुटनों पर कम दबाव डालती है। इसलिए इसे फिजियोथेरेपी में भी इस्तेमाल किया जाता है, खासकर घुटने के दर्द या गठिया जैसी समस्याओं में।
आपको जानकर हैरानी होगी कि उल्टा चलना सामान्य चलने से ज्यादा मेहनत वाला होता है। इससे दिल की धड़कन जल्दी बढ़ती है और कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न होती है।
बैकवर्ड वॉकिंग का सबसे खास फायदा यह है कि यह आपके दिमाग को भी एक्टिव करती है। क्योंकि यह मूवमेंट नई होती है, दिमाग को ज्यादा काम करना पड़ता है। इससे आपकी फोकस, याददाश्त और रिएक्शन टाइम बेहतर हो सकता है।
आजकल हम में से ज्यादातर लोग घंटों मोबाइल या लैपटॉप पर झुके रहते हैं। इससे शरीर का पोस्टर खराब हो जाता है। बैकवर्ड वॉकिंग करने से आप सीधा खड़ा होना और चलना सीखते हैं, जिससे बॉडी पोश्चर बेहतर होता है।
एक अच्छी बात यह है कि आपको इसके लिए ज्यादा समय देने की जरूरत नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, रोज सुबह सिर्फ 30 सेकंड भी बैकवर्ड वॉकिंग करने से शरीर और दिमाग एक्टिव हो जाते हैं।