स्वास्थ्य

चलते-चलते लड़खड़ाना और बार-बार चक्कर आना मामूली नहीं, मेयो क्लिनिक से जानें Balance Problems के कारण और लक्षण

Balance Problems Cause: चलते-चलते लड़खड़ाना या बार-बार चक्कर आना मामूली नहीं! मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें Balance Problems के पीछे के मुख्य कारण, लक्षण और इससे बचाव के आसान तरीके।
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Sep 05, 2026
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चलते-चलते लड़खड़ाने के क्या कारण हो सकते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Balance Problems Symptoms: अक्सर लोग चलते-चलते अचानक संतुलन खो देने, पैर लड़खड़ाने या अचानक सिर घूमने को थकान या कमजोरी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या आपके साथ बार-बार हो रही है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। शरीर का संतुलन बिगड़ा महसूस होना या अचानक चक्कर आना बैलेंस प्रॉब्लम्स (Balance Problems) का इशारा हो सकता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, हमारे शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए दिमाग, कान का अंदरूनी हिस्सा (Vestibular System), आंखें, नसें, मांसपेशियां और जोड़ सब एक साथ मिलकर काम करते हैं। जब इनमें से किसी भी हिस्से का तालमेल बिगड़ता है, तो व्यक्ति को चलने-फिरने में अनपेक्षित लड़खड़ाहट या चक्कर आने की शिकायत होती है। आइए समझते हैं कि बैलेंस प्रॉब्लम्स क्या हैं, यह किन कारणों से होती है, इसके लक्षण क्या हैं और इसका सही समय पर इलाज कैसे किया जाता है।

बैलेंस प्रॉब्लम्स क्या है और यह क्यों होती है?

शरीर का संतुलन बिगड़ने का मतलब है कि जब आप खड़े होते हैं, चलते हैं या बैठते हैं, तो आपको ऐसा महसूस होता है जैसे दुनिया घूम रही है, आप एक तरफ गिर रहे हैं या आपके पैर जमीन पर टिक नहीं पा रहे हैं। कान का अंदरूनी हिस्सा शरीर के संतुलन का मुख्य केंद्र होता है। जब मस्तिष्क को कान, आंखों या नसों से सही सिग्नल नहीं मिलते, तो संतुलन डगमगाने लगता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसके पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं;

1. कान के अंदरूनी हिस्से की समस्याएं

BPPV (बनाइन पैरोक्सिस्मली पोजीशनल वर्टिगो)- यह चक्कर आने का सबसे आम कारण है। जब कान के अंदरूनी हिस्से में मौजूद कैल्शियम के बारीक कण अपनी जगह से खिसक जाते हैं, तो सिर हिलाते ही तेज चक्कर आने लगता है।

  • वेस्टिबुलर न्यूरिटिस (Vestibular Neuritis)- कान के अंदर संतुलन बनाने वाली नस में वायरल इंफेक्शन या सूजन आने से भी ऐसा होता है।
  • मेनियर बीमारी (Meniere's Disease)- कान के अंदर द्रव (fluid) का संतुलन बिगड़ने से चक्कर आने के साथ-साथ कान में सीटी बजने (Tinnitus) की आवाज भी सुनाई देती है।

2. तंत्रिका तंत्र और दिमाग से जुड़ी समस्याएं (Neurological Issues)

  • पेरिफेरल न्यूरोपैथी (Peripheral Neuropathy)- पैरों की नसों में खराबी होने पर पैर सुन्न पड़ जाते हैं या उनमें झुनझुनी होती है, जिससे चलते समय जमीन का सही अहसास नहीं होता और इंसान लड़खड़ा जाता है।
  • पार्किंसंस या सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस- नसों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों के कारण शरीर का संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।

3. ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी वजहें

अचानक उठने या खड़े होने पर ब्लड प्रेशर का तेजी से कम होना (Orthostatic Hypotension) जिससे आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है। दिमाग तक खून का बहाव सही से न पहुंचना या दिल की धड़कन का अनियमित होना।

4. दवाओं का साइड इफेक्ट

बीपी की कुछ दवाएं, डिप्रेशन या मिर्गी की गोलियां, और नींद की दवाओं के सेवन से भी सुस्ती और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। ढलती उम्र के साथ मांसपेशियों की ताकत कम होना, जोड़ों में दर्द या आंखों की रोशनी धुंधली पड़ने से भी संतुलन बिगड़ने लगता है।

शरीर में दिखाई देने वाले प्रमुख लक्षण

  • वर्टिगो (Vertigo)।
  • हल्का सिर दर्द या बेहोशी महसूस होना (Lightheadedness)।
  • चलते समय अनियंत्रित महसूस करना।
  • दृष्टि में धुंधलापन।
  • उल्टी या जी मिचलाना।
  • मानसिक घबराहट और उलझन।

डॉक्टर इसकी जांच कैसे करते हैं?

अगर आपको अक्सर लड़खड़ाने या चक्कर आने की शिकायत रहती है, तो डॉक्टर सबसे पहले आपके लक्षणों का सटीक कारण पता लगाते हैं। इसके लिए वे निम्नलिखित टेस्ट कर सकते हैं;

  • हियरिंग और बैलेंस टेस्ट।
  • इमेजिंग टेस्ट (MRI या CT Scan)।
  • ब्लड प्रेशर और ब्लड टेस्ट।
  • आंखों की जांच।

बैलेंस प्रॉब्लम्स का इलाज और बचाव के तरीके

  • वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थेरेपी (VRT)।
  • अगर वजह कान का इंफेक्शन, वर्टिगो, माइग्रेन या बीपी है, तो डॉक्टर उसके हिसाब से दवाएं देते हैं।
  • बिस्तर या कुर्सी से अचानक झटके के साथ न उठें, पहले कुछ सेकंड बैठें और फिर खड़े हों।
  • भरपूर पानी पीएं।
  • घर में सुरक्षा बढ़ाएं।
  • छड़ी का इस्तेमाल करें।

डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?

यदि चक्कर आने और लड़खड़ाने के साथ-साथ आपको अचानक शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में परेशानी, सीने में दर्द, या तेज सिरदर्द हो, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें। यह स्ट्रोक या दिल से जुड़ी किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

Published on:
05 Sept 2026 11:30 am