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बच्चों में हाथ पैर और मुंह पर दाने क्यों निकलते हैं? Cleveland Clinic से जानें हैंड फुट एंड माउथ बीमारी के लक्षण

Hand Foot And Mouth Disease: क्लीवलैंड क्लिनिक से आइए जानते हैं कि बच्चों में होने वाली हैंड फुट एंड माउथ डिजीज क्या है, इसके लक्षण कैसे पहचानें, यह कैसे फैलती है और बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।
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HFMD Causes, HFMD Treatment

HFMD क्या है (representative image) image credit Magnific

HFMD Symptoms In Children: बच्चों में होने वाली हैंड फुट एंड माउथ डिजीज (HFMD) एक सामान्य वायरल संक्रमण है। यह बीमारी खासतौर पर छोटे बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है और एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैल सकती है। आइए जानते हैं यह क्यों होता है और इसे होने पर क्या सावधानी रखनी चाहिए।

हैंड फुट एंड माउथ डिजीज क्या है

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार HFMD एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से 10 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। हालांकि यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को भी हो सकता है। इस बीमारी का नाम इसके सामान्य लक्षणों के कारण पड़ा है, क्योंकि इसमें हाथ पैर और मुंह के आसपास दाने या छाले दिखाई दे सकते हैं।

कैसे शुरू होती है बीमारी

वायरस के संपर्क में आने के कुछ दिनों बाद इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शुरुआत में हल्का बुखार, थकान, गले या मुंह में दर्द, नाक बहना, पेट दर्द और भूख कम लगने जैसी परेशानी हो सकती है। इसके कुछ दिनों बाद मुंह के अंदर लाल निशान दिखाई दे सकते हैं, जो आगे चलकर दर्दनाक छालों में बदल जाते हैं। ये छाले जीभ, मसूड़ों, गालों के अंदर और मुंह की ऊपरी सतह पर हो सकते हैं।

मुंह के छालों के साथ हाथ और पैरों पर छोटे लाल दाने या फफोले दिखाई दे सकते हैं। ये दाने खासतौर पर हथेलियों और तलवों पर नजर आते हैं। कुछ मामलों शरीर के दूसरे हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। कुछ बच्चों में गर्दन या जबड़े के नीचे लिम्फ नोड्स में सूजन भी हो सकती है।

किन बच्चों को ज्यादा खतरा

पांच साल से कम उम्र के बच्चों में HFMD होने की संभावना अधिक रहती है। स्कूल या डेकेयर जाने वाले बच्चों में भी संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है। इसके साथ ही बच्चों के साथ लगातार संपर्क में रहने वाले माता पिता, शिक्षक और डेकेयर कर्मचारियों को भी संक्रमण हो सकता है।

बच्चे को संक्रमण से कैसे बचाएं

बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए साफ सफाई का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। टॉयलेट जाने या डायपर बदलने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं और खाना खाने या बनाने से पहले भी हाथ साफ करें। बच्चे के खिलौनों और बार बार छुई जाने वाली सतहों को नियमित रूप से साफ करें। संक्रमित व्यक्ति के साथ नजदीकी संपर्क से बचें और तौलिया, टूथब्रश, बर्तन या दूसरी निजी चीजें साझा न करें। खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिशू पेपर से ढकें।

बीमारी ठीक होने के बाद भी रखें सावधानी

बच्चे के लक्षण ठीक होने के बाद भी वायरस कुछ समय तक मल के जरिए फैल सकता है। इसलिए बच्चा ठीक दिखाई देने लगे तब भी हाथ धोने और साफ सफाई का ध्यान रखें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।