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बार-बार एक ही जगह खुजली और खुजलाने की आदत? Mayo Clinic के मुताबिक हो सकता है Neurodermatitis

Neurodermatitis Cause: बार-बार एक ही जगह खुजली और खुजलाने की आदत कहीं न्यूरोडर्मेटाइटिस तो नहीं? जानिए मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार इस खुजली के कारण, लक्षण और राहत पाने के उपाय।
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भारत

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Nidhi Yadav

Sep 03, 2026

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बार-बार एक ही जगह खुजली क्यों होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Neurodermatitis Symptoms: कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि शरीर के किसी एक ही हिस्से पर बार-बार तेज खुजली होती हो? आप उसे जितना खुजलाते हैं, खुजली बंद होने के बजाय और भी ज्यादा बढ़ने लगती है। कई बार तो लोग टीवी देखते, काम करते या सोते समय भी अनजाने में उस जगह को खुजलाते रहते हैं। मेयो क्लिनिक के मुताबिक, अगर आपके साथ भी ऐसा लंबे समय से हो रहा है, तो इसे सिर्फ एक आम त्वचा की बीमारी मानकर नजरअंदाज न करें। यह समस्या न्यूरोडर्मेटाइटिस (Neurodermatitis) हो सकती है। इसे डॉक्टरी भाषा में 'लाइकेन सिम्प्लेक्स क्रोनिकस' भी कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह परेशानी क्या है, यह क्यों होती है और इससे राहत पाने के क्या-क्या तरीके हैं।

क्या होता है न्यूरोडर्मेटाइटिस?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, न्यूरोडर्मेटाइटिस स्किन यानी त्वचा से जुड़ी एक ऐसी स्थिति है जो शरीर के किसी खास हिस्से में बार-बार खुजली से शुरू होती है। इस बीमारी की सबसे बड़ी पहचान इसका इच-स्क्रैच साइकिल (Itch-Scratch Cycle) यानी खुजली और खुजलाने का चक्र है। होता यह है कि त्वचा के किसी हिस्से पर हल्की खुजली शुरू होती है। जब आप वहां खुजली करते हैं, तो दिमाग को थोड़ी देर के लिए आराम मिलता है, लेकिन असल में खुजलाने से वहां की तंत्रिकाएं (Nerves) और ज्यादा उत्तेजित हो जाती हैं। इससे खुजली और तेज हो जाती है। बार-बार एक ही जगह को रगड़ने और खुजलाने से वहां की चमड़ी धीरे-धीरे मोटी, सख्त, खुरदुरी और लेदर जैसी दिखने लगती है।

यह शरीर के किन हिस्सों को ज्यादा प्रभावित करता है?

न्यूरोडर्मेटाइटिस शरीर में कहीं भी हो सकता है, लेकिन ज्यादातर यह उन्हीं जगहों पर होता है जहां हाथ आसानी से पहुंच जाता है। जैसे;

  • गर्दन का पिछला हिस्सा या साइड।
  • कलाई, हाथ और कोहनी।
  • पैर, टखने (Ankles) या जांघों का ऊपरी हिस्सा।
  • सिर की त्वचा (Scalp)।
  • गुप्तांगों (Genital area) के आसपास की त्वचा।

इसके पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, न्यूरोडर्मेटाइटिस होने की कोई एक अकेली वजह नहीं होती। यह कई चीजों के एक साथ मिलने से शुरू हो सकता है;

  • मानसिक तनाव और चिंता (Stress & Anxiety)।
  • त्वचा का सूखापन (Dry Skin)।
  • तंग या सख्त कपड़े।
  • कीड़े का काटना या कोई पुरानी एलर्जी।

शरीर में क्या लक्षण दिखाई देते हैं?

  • किसी एक ही पैच या हिस्से पर रुक-रुक कर या लगातार बहुत तेज खुजली होना।
  • प्रभावित जगह की त्वचा का लाल, गहरा भूरा या लाल-बैंगनी रंग का हो जाना।
  • चमड़ी का मोटा, चमड़े (Leather) जैसा खुरदुरा और सूखा हो जाना।
  • खुजलाने की वजह से मसूड़ों जैसी जलन या दर्द महसूस होना।
  • कभी-कभी लगातार खुजलाने से घाव बन जाना।

इससे राहत पाने के उपाय और इलाज

न्यूरोडर्मेटाइटिस को ठीक करने का सबसे पहला और जरूरी नियम है खुजलाना बिल्कुल बंद करना। हालांकि यह कहना आसान है और करना मुश्किल, लेकिन कुछ आदतों को बदलकर इस पर काबू पाया जा सकता है;

  • ठंडी सिकाई करें।
  • त्वचा को मॉइश्चराइज रखें।
  • नाखून छोटे रखें।
  • सूती और ढीले कपड़े पहनें।
  • तनाव दूर करें।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर घर पर मॉइश्चराइजर लगाने या सिकाई करने के बाद भी खुजली कम नहीं हो रही है, रात को सोने में दिक्कत आ रही है या खुजलाने की वजह से घाव में से पानी/मवाद आ रहा है, तो तुरंत किसी स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) को दिखाएं। डॉक्टर आपको खुजली को दबाने के लिए मेडिकेटेड क्रीम (जैसे स्टेरॉयड क्रीम), एंटी-हिस्टामाइन दवाएं या घाव को ढंकने के लिए खास तरह की पट्टी लगाने की सलाह दे सकते हैं। सही इलाज और थोड़ी सी सावधानी से इस जिद्दी खुजली के चक्र को आसानी से तोड़ा जा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।