
Sinus Cancer का संकेत नाक से बार-बार खून आना भी हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Sinus Cancer Symptoms: मौसम बदलने या सर्दी-जुकाम होने पर नाक बंद होना या कभी-कभार नाक से हल्का-फुल्का खून आना बहुत आम बात है। लेकिन अगर आपकी नाक सिर्फ एक तरफ से ही लगातार बंद रहती है और उससे बार-बार बिना किसी वजह के खून आ रहा है, तो इसे मामूली सर्दी या एलर्जी मानकर टालने की भूल बिल्कुल न करें। यह साइनस कैंसर (Nasal and Sinus Cancer) का शुरुआती इशारा हो सकता है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य संस्था NHS के अनुसार, साइनस कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो शुरुआत में बहुत दबे पांव आती है। इसके लक्षण बिल्कुल आम जुकाम जैसे दिखते हैं, जिसकी वजह से लोग इसे समय रहते पहचान नहीं पाते। आइए जानते हैं कि साइनस कैंसर क्या होता है, इसके लक्षण क्या हैं और किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है।
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, हमारी नाक के आसपास, चेहरे की हड्डियों के अंदर हवा से भरी छोटी-छोटी खाली जगहें (Cavities) होती हैं, जिन्हें हम साइनस कहते हैं। ये साइनस हमारी नाक को नमी देने और हवा को छानकर फेफड़ों तक पहुंचाने का काम करते हैं। जब इन साइनस की अंदरूनी परत में मौजूद कोशिकाएं (Cells) बिना किसी वजह के असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो वे एक गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। इसी स्थिति को डॉक्टरी भाषा में साइनस कैंसर कहा जाता है। यह बीमारी काफी दुर्लभ होती है, लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह चेहरे की दूसरी हड्डियों और आंखों तक फैल सकती है।
शुरुआती दौर में साइनस कैंसर के लक्षण किसी आम साइनस इन्फेक्शन या एलर्जी की तरह ही महसूस होते हैं। लेकिन जब यह कैंसर थोड़ा बढ़ने लगता है, तो शरीर में कुछ अलग तरह की तकलीफें दिखाई देने लगती हैं;
अगर आपकी नाक सिर्फ एक तरफ से 2 से 3 हफ्ते से ज्यादा समय से बंद है और दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रही है, या बार-बार नाक से खून आ रहा है, तो बिना देर किए किसी अच्छे कान-नाक-गले के डॉक्टर (ENT Specialist) को दिखाएं। डॉक्टर आपकी नाक के अंदर देखने के लिए एक छोटा सा कैमरा (Nasal Endoscopy) डालते हैं या सीटी स्कैन और एमआरआई (CT Scan / MRI) की सलाह देते हैं। अगर समय रहते बीमारी पकड़ी जाए, तो सर्जरी और थेरेपी के जरिए इसका सही इलाज संभव है। इसलिए शरीर के इन छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें और वक्त रहते सही कदम उठाएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
03 Sept 2026 11:10 am
