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पेट में अचानक तेज दर्द और बुखार हो सकता है Abdominal Abscess, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें इसके लक्षण और इलाज

Abdominal Abscess Cause: पेट में तेज दर्द और बुखार को न करें नजरअंदाज! क्लीवलैंड क्लिनिक और जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन से जानें एब्डोमिनल एब्सेस (पेट में फोड़ा) के कारण, लक्षण और इलाज के तरीके।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 5 Sep 2026, 10:15 AM IST

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पेट में तेज दर्द और बुखार एब्डोमिनल एब्सेस का संकेत भी हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Abdominal Abscess Symptoms: पेट में हल्का-फुल्का दर्द होना या गैस बनना तो एक आम बात है, लेकिन अगर अचानक पेट में तेज और असहनीय दर्द उठने लगे और साथ में तेज बुखार भी आ जाए, तो इसे सामान्य मानकर टालने की भूल बिल्कुल न करें। यह शरीर के भीतर छिपे किसी गंभीर संक्रमण का इशारा हो सकता है। इस स्थिति को एब्डोमिनल एब्सेस (Abdominal Abscess) या पेट का फोड़ा कहा जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एब्डोमिनल एब्सेस पेट के अंदर मवाद (pus) और संक्रमित द्रव से भरी एक थैली होती है। जब पेट के भीतर किसी कारण से बैक्टीरिया या संक्रमण फैलने लगता है, तो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) उससे लड़ने के लिए सफेद रक्त कोशिकाओं को भेजती है। इस लड़ाई के दौरान आसपास के ऊतक (tissues) प्रभावित होते हैं और वहां मवाद इकट्ठा होकर एक फोड़ा बन जाता है। आइए समझते हैं कि एब्डोमिनल एब्सेस क्या है, इसके पीछे क्या वजहें होती हैं, शरीर में क्या लक्षण दिखाई देते हैं और डॉक्टर इसका इलाज कैसे करते हैं।

एब्डोमिनल एब्सेस होने के मुख्य कारण

जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, पेट के भीतर यह फोड़ा अचानक अपने आप नहीं बनता, बल्कि इसके पीछे कई अंदरूनी समस्याएं या बीमारियां होती हैं। मुख्य कारणों में शामिल हैं;

  • पेट से जुड़ी पुरानी बीमारियां।
  • अपेंडिसाइटिस (Appendicitis)।
  • पेट की सर्जरी के बाद की जटिलताएं।
  • पेट में चोट या घाव।

शरीर में दिखाई देने वाले प्रमुख लक्षण

  • तेज और लगातार पेट दर्द।
  • तेज बुखार और कंपकंपी।
  • जी मिचलाना और उल्टी होना।
  • भूख न लगना और वजन गिरना।
  • मल त्याग में बदलाव।

डॉक्टर इसकी पहचान (जांच) कैसे करते हैं?

  • ब्लड टेस्ट (रक्त जांच)।
  • सीटी स्कैन (CT Scan)।
  • अल्ट्रासाउंड या एमआरआई।

एब्डोमिनल एब्सेस का इलाज कैसे होता है?

एब्डोमिनल एब्सेस का इलाज बिना डॉक्टर की मदद के संभव नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य संक्रमण को खत्म करना और पेट में जमी मवाद को बाहर निकालना होता है। बैक्टीरिया और इन्फेक्शन को मारने के लिए डॉक्टर मरीज को मजबूत एंटीबायोटिक्स देते हैं। सिर्फ दवाओं से मवाद पूरी तरह साफ नहीं होती। इसलिए सीटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड की मदद से एक पतली सूई या कैथेटर (नलकी) पेट के अंदर डालकर मवाद को बाहर खींच लिया जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज को दर्द न हो, इसके लिए स्थानीय सुन्न करने वाली दवा (Local Anesthesia) दी जाती है। अगर फोड़ा बहुत बड़ा है, कई हिस्सों में फैला हुआ है या किसी फटे हुए अंग की मरम्मत करनी है, तो डॉक्टर ऑपरेशन करके मवाद निकालते हैं और उस समस्या को ठीक करते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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