Birth Control Pills Cancer Risk: क्या बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से कैंसर का खतरा बढ़ता है? जानिए WHO और रिसर्च के अनुसार सही फैक्ट, फायदे और जोखिम आसान भाषा में।
Birth Control Pills Cancer Risk: आजकल सोशल मीडिया पर ये बात तेजी से फैल रही है कि बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से कैंसर होता है। लेकिन सच क्या है? चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं, ताकि आप सही फैसला ले सकें।
सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि World Health Organization और International Agency for Research on Cancer ने बर्थ कंट्रोल पिल्स को carcinogenic कैटेगरी में रखा है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर महिला को कैंसर हो जाएगा। Carcinogenic का मतलब होता है, कुछ परिस्थितियों में कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है, न कि ये पक्का हो जाएगा।
रिसर्च के मुताबिक, पिल्स लेने से कुछ कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है:
ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer)- अभी पिल्स लेने वाली या हाल ही में छोड़ने वाली महिलाओं में हल्का रिस्क बढ़ सकता है। पिल्स छोड़ने के 8-10 साल बाद रिस्क सामान्य हो जाता है।
सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)- 5 साल से ज्यादा समय तक पिल्स लेने पर रिस्क थोड़ा बढ़ सकता है। लेकिन इसका बड़ा कारण HPV इन्फेक्शन भी होता है।
ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer)- पिल्स लेने से इसका रिस्क काफी कम हो जाता है। ये फायदा पिल्स छोड़ने के बाद भी सालों तक रहता है।
एंडोमेट्रियल कैंसर (Uterine Cancer)- इसे लेने से एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
कोलोरेक्टल कैंसर- कुछ स्टडी में कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क भी कम पाया गया है।
पिल्स में हार्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन) होते हैं, जो शरीर में अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। कुछ जगह सेल ग्रोथ बढ़ा सकते हैं (जिससे रिस्क थोड़ा बढ़े), कुछ जगह हार्मोन को कंट्रोल करके कैंसर का खतरा कम कर देते हैं। यानी इसका असर मिक्स होता है, कुछ फायदे, कुछ नुकसान।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार ज्यादातर हेल्दी महिलाओं में रिस्क बहुत कम होता है। पिल्स के फायदे (प्रेग्नेंसी कंट्रोल, पीरियड रेगुलर करना, कुछ कैंसर से बचाव) ज्यादा होते हैं। पिल्स बंद करने के बाद रिस्क धीरे-धीरे कम हो जाता है। “बर्थ कंट्रोल पिल्स से कैंसर होता है” ये बात आधी सच्चाई है और भ्रामक है। असलियत ये है कि इसका असर हर महिला के शरीर, हेल्थ हिस्ट्री और इस्तेमाल पर निर्भर करता है।