स्वास्थ्य

Birth Control Pills : गर्भनिरोधक गोलियों से हो सकता है कैंसर, पिल्स लेने से पहले जान लें अमेरिकी डॉक्टर की ये बात

Birth Control Pills: जानें अमेरिकी डॉक्टर Dr. Kunal Sood के अनुसार जन्म नियंत्रण गोलियों (Birth Control Pills) से ब्रैस्ट, सर्वाइकल और अन्य कैंसर का खतरा कैसे जुड़ा है। पढ़ें रिस्क और सुरक्षा दोनों पहलुओं की पूरी जानकारी।
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Nov 03, 2025
Birth Control Pills
Birth Control Pills (photo- gemini ai)

Birth Control Pills: दुनिया की सबसे ज्यादा महिलाओं को दी जाने वाली दवाइयों में से एक जन्म नियंत्रण की गोलियां (Birth Control Pills) हैं। इसको लाखों महिलाएं प्रेग्नेंसी रोकने के लिए लेती हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या इन गोलियों का इस्तेमाल महिलाओं की लंबी अवधि की सेहत पर किसी तरह का असर डालता है? क्या इनका एक छुपा हुआ नुकसान है, जैसे कि कैंसर का खतरा?

इस सवाल का जवाब डॉ. कुणाल सूद (Dr Kunal Sood), ने दिया है। जो अमेरिका के मेरीलैंड में एनेस्थेसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन में डबल बोर्ड सर्टिफाइड हैं। उन्होंने एक इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि क्या आप जानते हैं कि जन्म नियंत्रण गोलियां (Combined Birth Control Pills) Group 1 Carcinogen यानी कैंसरजनक पदार्थों की श्रेणी में आती हैं? कई महिलाओं के मन में यह सवाल लंबे समय से है कि क्या इन गोलियों का कैंसर से कोई संबंध है। डॉ. सूद के अनुसार, इन गोलियों के कुछ रिस्क हैं, लेकिन ये कई तरह से स्वास्थ्य के लिए फायदे भी देती हैं।

कैंसर से जुड़े जोखिम

अध्ययनों से पता चला है कि इन गोलियों का इस्तेमाल ब्रैस्ट और सर्वाइकल कैंसर (स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) के जोखिम को थोड़ी बढ़ा सकता है। जो महिलाएं अभी भी पिल्स का इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें 24% अधिक ब्रैस्ट कैंसर का खतरा हो सकता है। 10 साल या उससे अधिक समय तक पिल्स लेने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का जोखिम दोगुना हो सकता है। हालांकि, ये खतरे पिल्स बंद करने के बाद धीरे-धीरे कम हो जाते हैं।

सकारात्मक प्रभाव

डॉ. सूद ने बताया कि इन गोलियों का सुरक्षात्मक असर भी है ओवरी (अंडाशय) का कैंसर 30–50% कम जोखिम है।एंडोमेट्रियल कैंसर का 30% कम जोखिम है। साथ ही कोलोरेक्टल कैंसर का 20% तक कम जोखिम है। इसके अलावा, पिल्स PCOS, एंडोमेट्रियोसिस और दर्दनाक पीरियड्स जैसी स्थितियों को मैनेज करने में मदद करती हैं।

नयाा शोध क्या कहता है

स्वीडन के उप्साला यूनिवर्सिटी के एक शोध में 20 लाख से ज्यादा महिलाओं और किशोरियों का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि सभी हॉर्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव्स का ब्रैस्ट कैंसर पर समान असर नहीं होता। Desogestrel आधारित पिल्स जोखिम को लगभग 50% बढ़ा देती हैं। Levonorgestrel आधारित पिल्स जोखिम 20% तक बढ़ा सकती हैं। Drospirenone और एस्ट्रोजन आधारित पिल्स का कोई अतिरिक्त खतरा नहीं है। शोधकर्ताओं ने कहा कि ये दवाइयां अत्यधिक प्रभावशाली हैं और स्वास्थ्य लाभ देती हैं, इसलिए महिलाएं इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के अचानक बंद न करें।

Updated on:
03 Nov 2025 01:13 pm
Published on:
03 Nov 2025 01:13 pm