ऑपरेशन करने वाली डॉ. विभा मोजस ने बताया, ऑपरेशन में देर होती तो इससे महिला की किडनी व अन्य अंदरूनी अंगों को खतरा हो सकता था। सोनोग्राफी से जांच में तीन गठान डॉक्टर्स को नजर आईं, लेकिन यह 30 के आसपास निकली। टीम में डॉ. विभा मोजेस, डॉ. सुरभि पोरवाल, डॉ. मंजू गांधी, डॉ. श्रावणी, डॉ. झलक अग्रवाल, डॉ. मोनिका गांधी, डॉ. दीपाली बलेचा, भावना सेन, रीना सोलंकी सहित अन्य स्टाफ शामिल रहा।