ग्राम धर्मपुरा निवासी प्रताप आदिवासी ने बताया कि 15 जुलाई की शाम वह श्रीराम, रितु, मीरा और बालंदी आदिवासी के साथ शिकारपुरा रोड पर था, तभी नौगांव पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई और रात 10:30 बजे पूछताछ के बाद छोड़ दिया। 16 जुलाई को फिर थाने बुलाया और रात 11 बजे तक हिरासत में रखा। 17 जुलाई को दोपहर 12 बजे उन्हें दोबारा थाने ले जाकर बुरी तरह पीटा।