स्वास्थ्य

शरीर में अपना ही खून इंजेक्ट कर रहे युवा! ब्लड किक के जानलेवा शौक पर मनोचिकित्सक का बड़ा खुलासा

Blood Kick Trend: ब्लड किक नाम के ट्रेंड में युवा अपना ही खून निकालकर, उसे फ्रीज करने के बाद दोबारा इंजेक्शन से उसे अपनी नसों में डाल रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, यह कोई नशा नहीं बल्कि एक गंभीर मानसिक लत (Behavioral Addiction) है।
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Apr 24, 2026
Blood Kick Trend
Blood Kick Trend (Image- gemini)

Blood Kick Trend: इंटरनेट के दौर में अक्सर कुछ ऐसे ट्रेंड वायरल हो जाते हैं जो जान को जोखिम में डाल देते हैं। आजकल युवा (18-25 साल वाले) Blood Kick Trend में सुई से अपना ही खून निकालते हैं, उसे ठंडा करते हैं और फिर वापस इंजेक्शन से उसे अपनी नसों में डाल लेते हैं। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में ऐसे कई केस आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ये कोई नशा नहीं, बल्कि दिमाग की एक ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान खुद को दर्द देकर मजे ढूंढने लगता है। आइए, मनोचिकित्सक डॉक्टर आदित्य सोनी से जानते हैं कि ऐसा करना कितना खतरनाक हो सकता है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

ब्लड किक आखिर क्या है?

आसान शब्दों में ये खुद को चोट पहुंचाने का एक तरीका है। युवाओं को लगता है कि जब वो अपना खून दोबारा शरीर में डालते हैं, तो उन्हें एक अलग सा सुकून या झटका (किक) मिलता है। इंटरनेट पर गलत चीजें देखकर वो इसे एक कूल ट्रेंड समझ रहे हैं, जबकि वे सिरिंज के जरिए अपने शरीर से खून निकालते हैं। उस खून को कुछ समय के लिए फ्रीज में रखते हैं। बाद में उसी खून को दोबारा अपनी नसों में इंजेक्ट कर लेते हैं।

क्या कहते है मनोचिकित्सक?

डॉक्टर आदित्य सोनी का कहना है कि जब इंसान खुद को दर्द देता है, तो दिमाग उस दर्द को शांत करने के लिए कुछ रसायनों (Endorphins) को रिलीज करता है। युवाओं को लगता है कि यह सुकून या किक है, जबकि असल में यह एक गंभीर मानसिक बीमारी की शुरुआत है।

ये कितना खतरनाक है?

बार-बार सुई चुभाने से नसें पूरी तरह खराब हो सकती हैं। अगर बाहर निकाला हुआ खून थोड़ा भी जम गया और उसे वापस डाला, तो वो नसों में फंस जाएगा। इससे हार्ट अटैक आ सकता है या दिमाग की नस फट सकती है। सुई साफ न हो या खून में गंदगी चली जाए, तो पूरे शरीर का खून जहरीला हो सकता है।

Blood Kick से कौनसी बिमारियां हो सकती हैं?

इस जानलेवा ट्रेंड से कैसे बचें?

  • घर वालों से बात करो।
  • मोबाइल से दूर रहो।
  • डॉक्टर से बात करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
24 Apr 2026 09:23 am
Published on:
24 Apr 2026 09:23 am
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