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जूतों समेत घर में घुस जाते हैं तो संभल जाइए! 96% जूतों में टॉयलेट से भी गंदे कीटाणु, रिसर्च में हुआ खुलासा

Shoe Health Risk: हम अक्सर बाहर से आकर जूतों समेत घर में घुस जाते हैं, पर यह आदत हमें बहुत बीमार कर सकती है। नई रिसर्च कहती है कि जूतों के नीचे लाखों गंदे कीटाणु होते हैं, जो फर्श पर चिपक जाते हैं और बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 23, 2026

Shoe Health Risk

Shoe Health Risk (Image- gemini)

Shoe Health Risk: एक नई रिसर्च ने सबको चौंका दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जूतों के तलवे इतने गंदे होते हैं कि वे घर को बीमारियों का घर बना सकते हैं। जो गंदगी हमें दिखती भी नहीं, वो जूतों के जरिए हमारे बेडरूम और किचन तक पहुंच रही है।

क्या कहती है रिसर्च?

यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना की एक स्टडी में पता चला है कि एक जूते के नीचे औसतन 4 लाख से ज्यादा कीटाणु होते हैं। इसमें से 96% जूते तो इतने गंदे मिले कि उनमें टॉयलेट जैसी गंदगी के बैक्टीरिया पाए गए। ये कीटाणु फर्श पर कई हफ्तों तक जिंदा रहते हैं, यानी एक बार जूते पहनकर अंदर आए तो समझो बीमारी घर में बैठ गई।

छोटे बच्चों के लिए खतरा ज्यादा

सबसे ज्यादा खतरा उन छोटे बच्चों को है जो जमीन पर घुटनों के बल चलते हैं। बच्चे फर्श पर हाथ लगाते हैं और फिर वही हाथ अपने मुंह में डाल लेते हैं। इस तरह जूतों की सारी गंदगी और खतरनाक बैक्टीरिया सीधे उनके पेट में चले जाते हैं, जिससे वे बार-बार बीमार पड़ते हैं।

ऐसी बीमारी जिस पर दवा भी बेअसर

यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन की रिसर्च में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। आधे से ज्यादा जूतों पर ऐसे खतरनाक कीटाणु मिले हैं जिन पर दवाइयां भी जल्दी काम नहीं करतीं। इसकी वजह से पेट में तेज दर्द, दस्त और आंतों की गंभीर बीमारी हो सकती है।

घर में जूते पहनकर घूमने से होने वाली बिमारियां

  • पेट की बिमारियां (E. Coli और कोलीफॉर्म)।
  • आंतों की सूजन (C. Difficile)।
  • स्किन इन्फेक्शन और एलर्जी।
  • फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं।

बचाव के लिए क्या करें?

  • घर के बाहर जूते उतारें।
  • घर की अलग चप्पल अलग रखें।
  • फर्श की सफाई करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।