स्वास्थ्य

पहली बार मां बनने वाली महिला को ‘Breastfeeding Myths’ से जुड़ी जाननी चाहिए ये बातें, एक्सपर्ट ने दी जानकारी

Breastfeeding Myths: पहली बार मां बनने वाली मांओं को अक्सर ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी कुछ आशंकाएं रहती हैं। यह यूं कहें कि पुराने मिथ आज भी लोगों के मन में मौजूद हैं। ऐसे में इन गलतफहमियों को दूर करने के लिए गायनोकोलॉजिस्ट ने नई मांओं के लिए कुछ जरूरी जानकारियां साझा की हैं।
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Aug 16, 2025
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Breastfeeding Myths: स्तनपान (Breastfeeding) नवजात शिशु के लिए सबसे महत्वपूर्ण और प्राकृतिक पोषण माना जाता है, क्योंकि मां का दूध बच्चों को कई तरह के पोषण देता है जिससे इम्युनिटी मजबूत रहती है और संतान बीमारी से दूर और स्वस्थ रहती है। लेकिन कई नई मांओं को ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी कुछ गलतफहमियां रहती हैं, या फिर यह कहना गलत नहीं होगा कि कुछ पुराने Myths आज भी लोगों के मन में मौजूद हैं। लेकिन कई बातें ऐसी होती हैं जो पूरी तरह से सच नहीं होतीं। ऐसे में हमने ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े कुछ मिथकों के बारे में गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. सिंपल से बात की, और उन्होंने नई मांओं को कुछ जरूरी जानकारी दी है ताकि वे सही तरीके से अपने बच्चे को ब्रेस्टफीड करा सकें।

मिथ: ब्रेस्टफीडिंग करते समय दर्द होना

डॉ. सिंपल बताती हैं कि ब्रेस्टफीडिंग दर्दनाक नहीं होती, लेकिन कुछ ऐसी स्थितियां हो सकती हैं जिनकी वजह से ब्रेस्टफीडिंग करवाते वक्त दर्द महसूस होता है। उन्होंने यह भी बताया कि हर 2 घंटे में ब्रेस्टफीड न करवाने पर ब्रेस्ट में दर्द होने लगता है क्योंकि ब्रेस्टफीड का फॉर्मेशन लगातार होता है और फीड न करवाने पर दूध ब्रेस्ट में स्टोर होने लगता है। इससे ब्रेस्ट भारी होना, दर्द होना और गांठें बनना शुरू हो जाता है, बुखार भी आ सकता है।

दूसरी बात, ब्रेस्टफीड करवाते समय निपल पर क्रैक आ जाना भी दर्दनाक होता है। इसके लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें और कोई भी उपाय या क्रीम लगाएं। नहीं तो अपने ही ब्रेस्टमिल्क से इसे ठीक किया जा सकता है।

मिथ: छोटे ब्रेस्ट में कम दूध बनता है

ब्रेस्टमिल्क हार्मोन के माध्यम से बनता है। जितना मां अपने बच्चों को ब्रेस्टफीड करवाती है, उतना ही हार्मोन मस्तिष्क से रिलीज होकर दूध का उत्पादन करता है। ब्रेस्ट का आकार या साइज दूध के उत्पादन पर असर नहीं डालता।

मिथ: बीमार होने पर ब्रेस्टफीड नहीं करवाना चाहिए

यह मिथ बिल्कुल गलत है। मां बीमार होने के बाद भी ब्रेस्टफीडिंग कर सकती है। मां जब बीमार होती है, उस दौरान फीड करवाने से शिशु को उसी बीमारी के खिलाफ एंटीबॉडी मिलती हैं। इसलिए मां आराम से शिशु को फीड करवा सकती है।

मिथ: ब्रेस्टफीडिंग से ब्रेस्ट ढीले हो जाते हैं

ब्रेस्टफीडिंग से कभी भी ब्रेस्ट का आकार नहीं बदलता। अस्वस्थ और खराब डाइट लेने से ब्रेस्ट पर अतिरिक्त फैट स्टोर हो जाता है और मांसपेशियां ढीली पड़ने लगती हैं। इसलिए ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सही और हेल्दी डाइट लेना बहुत जरूरी है।

मिथ: ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कोई भी दवाई नहीं लेनी चाहिए

ज्यादातर दवाइयां ब्रेस्टफीडिंग के समय लेने के लिए सुरक्षित होती हैं। केवल कुछ दुर्लभ दवाएं ऐसी होती हैं जिन्हें इस दौरान नहीं लेना चाहिए। ऐसी दवाएं लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

मिथ: हर फीड के पहले निपल्स धोना जरूरी है

हर फीड के पहले और बाद में निपल्स को साफ और सूखा रखना चाहिए।

Updated on:
16 Aug 2025 11:01 am
Published on:
16 Aug 2025 09:57 am