स्वास्थ्य

नाखूनों में दिख रहे ये 7 बदलाव न करें नजरअंदाज, सेहत से जुड़े हो सकते हैं संकेत, Mayo Clinic से जानें कारण

Nail Health: नाखूनों का रंग, आकार या बनावट बदलना शरीर में छिपी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार जानिए नाखूनों में होने वाले किन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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Sep 28, 2026
human nails showing color changes ridges and other warning signs of possible health issues
Nail Problems (representative image) image credit Gemini

Nail Problems: नाखूनों पर गड्ढे पड़ना, रंग बदलना, मोटा होना या त्वचा से अलग होना जैसी चीजें कई बार किसी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ी हो सकती हैं। अगर नाखूनों में लगातार कोई असामान्य बदलाव नजर आ रहा है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं नाखूनों में होने वाले किन बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है और ये किन स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत हो सकते हैं।

नाखूनों पर छोटे छोटे गड्ढे पड़ना

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, अगर नाखूनों पर छोटे छोटे गोल गड्ढे या निशान दिखाई देने लगें, तो इसे नेल पिटिंग कहा जाता है। यह सोरायसिस और एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। कुछ मामलों में इसका संबंध एलोपेशिया एरियाटा से भी हो सकता है। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें बाल झड़ सकते हैं।

नाखून उंगलियों के सिरे पर मुड़ने लगें

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, नेल क्लबिंग में उंगलियों के सिरे सामान्य से बड़े दिखाई देने लगते हैं और नाखून उंगलियों के सिरों के चारों ओर ज्यादा मुड़ने लगते हैं। यह बदलाव आमतौर पर धीरे धीरे कई सालों में होता है। इसके पीछे खून में ऑक्सीजन का स्तर कम होना, फेफड़ों की बीमारी, दिल से जुड़ी समस्याएं, लिवर सिरोसिस या पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

नाखून चम्मच की तरह दिखने लगें

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, अगर नाखून नरम होकर किनारों से ऊपर की तरफ मुड़ने लगें और उनका आकार चम्मच जैसा दिखाई दे, तो इसे स्पून नेल्स कहा जाता है। इसे कोइलोनिखिया भी कहा जाता है। यह अक्सर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का लक्षण हो सकता है। कुछ मामलों में यह हेमोक्रोमैटोसिस नाम की लिवर से जुड़ी समस्या के कारण भी हो सकता है।

नाखून का ज्यादातर हिस्सा सफेद दिखाई देना

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, टेरी नेल्स में नाखून का ज्यादातर हिस्सा सफेद दिखाई देता है और ऊपर की तरफ एक पतली लाल या गुलाबी पट्टी नजर आ सकती है। उम्र बढ़ने के कारण भी ऐसा बदलाव हो सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह लिवर की समस्या, हार्ट फेलियर या डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का लक्षण हो सकता है।

नाखूनों पर लकीरें या गहरी धारियां बनना

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, नाखूनों पर एक तरफ से दूसरी तरफ जाने वाली गहरी लकीरों को ब्यूज लाइन्स कहा जाता है। ये तब दिखाई दे सकती हैं, जब चोट या बीमारी के कारण कुछ समय के लिए नाखूनों की बढ़त रुक जाती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें संक्रमण, ठीक से नियंत्रित न होने वाली डायबिटीज, हाथ पैरों में खून का प्रवाह कम करने वाली कुछ स्थितियां, तेज बुखार वाली बीमारियां, शरीर में जिंक की कमी और कुछ दवाएं शामिल हैं।

नाखून त्वचा से अलग होने लगे

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, ओनाइकोलाइसिस में नाखून अपने नीचे की त्वचा यानी नेल बेड से अलग होने लगता है। अलग हुआ हिस्सा सफेद, पीला या हरा दिखाई दे सकता है। चोट या संक्रमण के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसके अलावा कुछ दवाओं या नेल हार्डनर और चिपकाने वाले उत्पादों के कारण भी नाखून अलग हो सकता है। थायरॉयड की बीमारी और सोरायसिस भी इसकी वजह हो सकते हैं।

नाखून पीले और मोटे होने लगें

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, येलो नेल सिंड्रोम में नाखून मोटे होने लगते हैं और उनकी बढ़ने की रफ्तार धीमी हो जाती है। इससे नाखून पीले रंग के दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में नाखून का एक हिस्सा नेल बेड से अलग भी हो सकता है और नाखून के पास क्यूटिकल नहीं दिखाई देती। यह स्थिति क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस जैसी फेफड़ों की बीमारी से जुड़ी हो सकती है। इसका संबंध हाथ, बांह, पैर या टांगों में सूजन यानी लिम्फेडेमा से भी हो सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
28 Sept 2026 02:12 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:06 pm