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डिलीवरी के समय मेहंदी और नेल पॉलिश लगाने से क्यों किया जाता है मना? जानें SpO2 से जुड़ी वजह

Pregnancy Tips: डिलीवरी के आसपास डॉक्टर मेहंदी और नेल पॉलिश लगाने से क्यों मना करते हैं? आइए जानते हैं, Cleveland Clinic के अनुसार ऐसा करने से क्या हो सकता है।
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भारत

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Priyambada yadav

•

Updated: 9 Sep 2026, 2:07 PM IST

Pregnancy Tips, Delivery Tips

मेहंदी और नेल पॉलिश से जुड़ी Pregnancy Tips (representative image) image credit Magnific

Delivery Tips: त्योहार की वजह से या डिलीवरी से पहले होने वाले बेबी शावर में कुछ महिलाएं हाथों और पैरों में मेहंदी और नाखूनों पर नेल पॉलिश लगाना पसंद करती हैं। वहीं सोशल मीडिया पर डिलीवरी से जुड़ी कई ऐसी वीडियो भी सामने आती हैं, जिनमें डॉक्टर महिलाओं को डिलीवरी से पहले नेल पॉलिश या कुछ दूसरी चीजें लगाने से मना करती नजर आती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि डिलीवरी के समय इन चीजों को लेकर सावधानी क्यों बरती जाती है। आइए जानते हैं इसका मेडिकल कारण क्या है।

कैसे काम करता है पल्स ऑक्सीमीटर

पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटा डिवाइस है, जिसकी मदद से खून में ऑक्सीजन सैचुरेशन यानी SpO₂ और हार्ट रेट मापा जाता है। आमतौर पर इसे उंगली पर लगाया जाता है और कुछ ही सेकंड में रीडिंग मिल जाती है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार सामान्य ऑक्सीजन सैचुरेशन आमतौर पर 95 से 100 प्रतिशत के बीच होता है। हालांकि व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और अन्य परिस्थितियों के अनुसार रीडिंग अलग हो सकती है।

नेल पॉलिश से प्रभावित हो सकती है ऑक्सीजन की रीडिंग

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार डार्क नेल पॉलिश कुछ परिस्थितियों में पल्स ऑक्सीमीटर की रीडिंग को प्रभावित कर सकती है। इसलिए जांच से पहले नेल पॉलिश हटाने की सलाह दी जा सकती है।

नेल पॉलिश क्यों हटाने को कहा जा सकता है

डिलीवरी के दौरान जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम मां की ऑक्सीजन सैचुरेशन यानी SpO₂ की निगरानी कर सकती है। पल्स ऑक्सीमीटर आमतौर पर उंगली पर लगाया जाता है और यह रोशनी की मदद से खून में ऑक्सीजन के स्तर का अनुमान लगाता है। ऐसे में नाखून पर लगी गहरे रंग की नेल पॉलिश कुछ परिस्थितियों में रीडिंग को प्रभावित कर सकती है या रीडिंग लेने में परेशानी पैदा कर सकती है। इसी वजह से डिलीवरी या सर्जरी से पहले नेल पॉलिश हटाने की सलाह दे सकते हैं।

मेहंदी लगाने से भी करें परहेज

नेल पॉलिश के अलावा इंस्टाग्राम चैनल lady_doctor_speaks पर Dr Karanjot Kaur ने एक वीडियो शेयर कर प्रेगनेंट महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया कि डिलीवरी के आसपास मेहंदी और नेल पॉलिश जैसी चीजें नहीं लगानी चाहिए। वीडियो में बताया गया है कि इससे खून में ऑक्सीजन का स्तर यानी SpO₂ और दिल की धड़कन यानी पल्स रेट मापने में परेशानी हो सकती है।

इनसे भी प्रभावित हो सकती है रीडिंग

पल्स ऑक्सीमीटर की रीडिंग पर सिर्फ नेल पॉलिश का ही असर नहीं पड़ता। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार ठंडी त्वचा, खराब ब्लड सर्कुलेशन, डार्क नेल पॉलिश और लंबे या मोटे कृत्रिम नाखून जैसी परिस्थितियों में भी रीडिंग प्रभावित हो सकती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।