
Pinworm Infection क्यों होता है? (representative image) image credit Magnific
Pinworm Infection: बच्चे को गुदा यानी मलद्वार (Anus) के आसपास तेज खुजली होना केवल सामान्य परेशानी नहीं है। इसके पीछे पिनवर्म यानी धागेनुमा छोटे कीड़ों का संक्रमण हो सकता है। इसे एंटरोबायसिस (Enterobiasis) भी कहा जाता है। यह संक्रमण खासतौर पर स्कूल और प्री स्कूल जाने वाले बच्चों में अधिक देखा जाता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैल सकता है। आइए जानते हैं ये कैसे फैलते हैं और इनके होने पर क्या करना चाहिए।
पिनवर्म संक्रमण की सबसे खास पहचान रात में मलद्वार के आसपास होने वाली तेज खुजली है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मादा पिनवर्म रात के समय मलद्वार के आसपास की त्वचा पर अंडे देती है। इससे त्वचा में जलन और खुजली होने लगती है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति को मलद्वार या योनि के आसपास खुजली, बेचैनी और नींद में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों में पेट दर्द, पेट खराब होना, उल्टी, बिस्तर गीला करना और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि कई संक्रमित लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं भी होते।
पिनवर्म संक्रमण का सबसे सामान्य रास्ता अंडों का मुंह के जरिए शरीर में पहुंचना है। संक्रमित व्यक्ति के मलद्वार के आसपास खुजली करने पर अंडे उंगलियों और नाखूनों के नीचे चिपक सकते हैं। हाथ ठीक तरह से साफ न करने पर ये अंडे खिलौनों, कपड़ों, बिस्तर या दूसरी सतहों तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद कोई दूसरा व्यक्ति संक्रमित सतह को छूकर अपने मुंह तक हाथ ले जाए तो अंडे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। अंडे छोटी आंत में पहुंचकर विकसित होते हैं और बाद में वयस्क कीड़े मलद्वार के आसपास अंडे देने के लिए पहुंचते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार पिनवर्म बहुत छोटे सफेद या हल्के भूरे रंग के परजीवी कीड़े होते हैं। इनकी लंबाई करीब 6 से 13 मिलीमीटर तक हो सकती है। ये मुख्य रूप से आंतों और मलाशय में रहते हैं और बच्चों में इनका संक्रमण अधिक पाया जाता है। पिनवर्म के अंडे दूषित सतहों पर करीब दो से तीन सप्ताह तक रह सकते हैं।
पिनवर्म संक्रमण में कुछ लोगों को कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, रात में मलद्वार के आसपास तेज खुजली पिनवर्म का सबसे प्रमुख संकेत है। लगातार खुजली के कारण बच्चे की नींद प्रभावित हो सकती है। दिन में थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में परेशानी भी हो सकती है। इसके अलावा लगातार खुजलाने से त्वचा पर खरोंच और घाव हो सकते हैं, जिससे बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
अगर बच्चे को लगातार या तेज मलद्वार खुजली खासतौर पर रात में होती है, नींद प्रभावित हो रही है या परिवार में किसी अन्य सदस्य को भी ऐसे लक्षण हैं तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
Updated on:
09 Sept 2026 12:20 pm
Published on:
09 Sept 2026 12:11 pm
