
डेंगू हेमोरेजिक फीवर क्या होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Dengue Hemorrhagic Fever Symptoms: हर साल मानसून के दौरान और उसके बाद डेंगू का खतरा बहुत तेजी से बढ़ जाता है। आम बोलचाल में लोग डेंगू को सिर्फ 'हड्डी तोड़ बुखार' मान लेते हैं और सोचते हैं कि पैरासिटामोल खाने व नारियल पानी पीने से यह अपने आप ठीक हो जाएगा। साइंसडायरेक्ट के अनुसार, शुरुआती दौर में तो साधारण डेंगू बुखार में आराम और सही खान-पान से व्यक्ति ठीक हो सकता है, लेकिन जब यही डेंगू अपना खतरनाक रूप ले लेता है, तो यह मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डेंगू का गंभीर और जानलेवा रूप डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF) कहलाता है। समय पर इसके लक्षण न पहचानना मरीज को आईसीयू तक पहुंचा सकता है। आइए समझते हैं कि डेंगू हेमोरेजिक फीवर क्या है, यह कितना खतरनाक हो सकता है और इसके चेतावनी भरे संकेत कौन से हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, डेंगू में तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण होते हैं। लेकिन जब डेंगू वायरस मरीज की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को नुकसान पहुंचाने लगता है, तो स्थिति बिगड़ने लगती है। डेंगू हेमोरेजिक फीवर में शरीर की नसें कमजोर हो जाती हैं और उनसे खून या फ्लूइड लीक (रिसना) होने लगता है। इसके साथ ही, खून का थक्का जमाने वाली कोशिकाएं यानी प्लेटलेट्स (Platelets) का स्तर बहुत तेजी से गिरने लगता है। जब नसों से रक्त का रिसाव अंदर ही अंदर होने लगता है, तो शरीर के अंदरूनी अंगों (जैसे पेट, फेफड़े और आंतों) में खून बहने का जोखिम बढ़ जाता है। इसी स्थिति को डॉक्टरी भाषा में DHF कहते हैं।
डेंगू का सही समय पर पता चलना और सही देखभाल ही मरीज की जान बचा सकती है;
जैसे ही बुखार उतरने लगे और मरीज को पेट दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या शरीर में कहीं से भी ब्लीडिंग होती दिखे, तो बिना एक मिनट की देरी किए तुरंत पास के अस्पताल या इमरजेंसी में जाएं। डेंगू हेमोरेजिक फीवर का इलाज घर पर संभव नहीं है, इसके लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती करके IV फ्लूइड्स (ड्रिप) और निगरानी की सख्त जरूरत होती है। सही समय पर मिला डॉक्टरी इलाज मरीज को पूरी तरह ठीक कर सकता है।
Published on:
09 Sept 2026 07:45 am
