
नींद में कई लोग किस कारण से चिल्लाते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
REM Sleep Behavior Disorder Cause: रात को सोते समय सपने देखना एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है। कभी हम मीठे सपने देखते हैं तो कभी डरावने। लेकिन क्या आपके या आपके किसी अपनों के साथ कभी ऐसा हुआ है कि सपने में किसी से लड़ते-लड़ते वे असलियत में हाथ-पैर चलाने लगें? सोते में अचानक जोर से चिल्लाना, पलंग पर मुक्के या लातें मारना, या फिर हड़बड़ाहट में बिस्तर से नीचे गिर जाना इन सब बातों को अक्सर लोग बुरा सपना या दिनभर की थकान और तनाव मानकर टाल देते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर यह घटना कभी-कभी हो तो डरने की बात नहीं है, लेकिन अगर यह बार-बार होने लगे, तो इसे बिल्कुल भी हलके में न लें। इस स्थिति को REM स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर (REM Sleep Behavior Disorder - RBD) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, क्यों होती है और इसका समय पर इलाज क्यों जरूरी है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, हमारी नींद के कई चरण होते हैं, जिनमें से एक मुख्य चरण होता है REM (Rapid Eye Movement) स्लीप। यह नींद का वह हिस्सा है जिसमें हम सबसे गहरे और नाटकीय सपने देखते हैं। सामान्य स्थिति में, जब हम REM स्लीप में होते हैं, तो हमारा दिमाग हमारी मांसपेशियों (Muscles) को एक तरह से लॉक या अस्थायी रूप से पैरालाइज कर देता है। ऐसा इसलिए होता है ताकि हम सपने में जो कुछ भी कर रहे हों जैसे दौड़ना, कूदना या किसी से लड़ना उसे असल जिंदगी में करने न लगें और हमारा शरीर सुरक्षित रहे। लेकिन जब किसी व्यक्ति को RBD की समस्या होती है, तो दिमाग का यह सेफ्टी स्विच सही से काम नहीं करता। मांसपेशियों का यह लॉक खुल जाता है। नतीजा यह होता है कि व्यक्ति सपने में जो कुछ भी देख रहा होता है, उसे शारीरिक रूप से करने (Enact) लगता है।
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य नींद में बार-बार ऐसी हरकतें करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द किसी स्लीप स्पेशलिस्ट (Sleep Specialist) या न्यूरोलॉजिस्ट (Neurologist) से संपर्क करें। डॉक्टर इसके लिए पोलिसोम्नोग्राफी (Polysomnography) यानी स्लीप स्टडी टेस्ट करवाते हैं, जिससे नींद के दौरान दिमाग और शरीर की गतिविधियों को सही से समझा जा सके। सही दवाइयों और सही समय पर इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे मरीज और उनके परिवार वाले चैन की नींद सो सकें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
08 Sept 2026 11:58 am
Published on:
08 Sept 2026 11:57 am
