Union Budget 2026: बजट 2026 में मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता दी गई है। उत्तर भारत में 2 नए संस्थान और रांची-तेजपुर के पुराने केंद्रों के अपग्रेड का ऐलान।
Budget 2026 on Mental Health: देश में तेजी से बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने आम बजट 2026 में मेंटल हेल्थ को खास प्राथमिकता दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए उत्तर भारत में दो नए मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट स्थापित करने की घोषणा की है। सरकार का मकसद मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और इलाज की गुणवत्ता में सुधार करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग समय पर उपचार पा सकें।
आज के समय में तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। काम का दबाव, पढ़ाई का तनाव, सामाजिक दबाव और बदलती जीवनशैली ने युवाओं और वयस्कों दोनों को मानसिक रूप से प्रभावित किया है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में बजट 2026 में लिया गया यह फैसला समय की जरूरत माना जा रहा है।
बजट में यह भी ऐलान किया गया है कि रांची और तेजपुर में मौजूद पुराने मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। इन संस्थानों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और उन्नत प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी। अपग्रेडेशन के तहत आधुनिक थेरेपी उपकरण, डिजिटल हेल्थ सर्विसेज और अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे मरीजों को बेहतर और तेजी से इलाज मिल सके।
नए मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि ये ट्रेनिंग और रिसर्च सेंटर के रूप में भी काम करेंगे। यहां डॉक्टरों, साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर और सोशल वर्कर्स को आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और देश में कुशल विशेषज्ञों की कमी भी कम होगी।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में अब भी कई तरह की झिझक और गलत धारणाएं मौजूद हैं। नए संस्थानों के जरिए जागरूकता कार्यक्रम, काउंसलिंग सेशन और कम्युनिटी आउटरीच गतिविधियां चलाई जाएंगी, जिससे लोग खुलकर मानसिक समस्याओं पर बात कर सकें। इससे मानसिक बीमारियों को लेकर डर और शर्म की भावना कम होगी।
लंबी अवधि में यह पहल भारत को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है। बेहतर संस्थान, प्रशिक्षित विशेषज्ञ और आधुनिक सुविधाएं मिलकर देश के मानसिक स्वास्थ्य सिस्टम को मजबूत बनाएंगी। कुल मिलाकर, बजट 2026 में मेंटल हेल्थ को लेकर किया गया यह ऐलान न सिर्फ स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को सामान्य और स्वीकार्य बनाने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।