Cancer Treatment: एमआईटी (MIT) और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विशेषज्ञों ने अपनी रासायनिक इंजीनियरिंग के जरिए एक दुर्लभ फंगल कंपाउंड को लैब में तैयार कर लिया है। आइए जानते हैं कि 55 साल पहले खोजे गए इस यौगिक से अब कैंसर का इलाज कैसे होगा और इससे किस प्रकार के कैंसर को ठीक किया जा सकेगा।
Cancer Treatment: कैंसर जैसी घातक बीमारी के इलाज के लिए वैज्ञानिक निरंतर प्रयास कर रहे हैं। हालांकि पिछले कई दशकों में उन्होंने कई सफलताएं भी हासिल की हैं। अब चूंकि कैंसर के इतने प्रकार हैं, तो भला सबका इलाज एक ही दवा से कैसे संभव है? यह एक बड़ा सवाल है। लेकिन वैज्ञानिकों और आम लोगों, सबके लिए एक खुशखबरी यह है कि वैज्ञानिकों ने 55 साल पहले खोजे गए दुर्लभ फंगल कंपाउंड 'वर्टीसिलिन ए' (Verticillin A) को कृत्रिम रूप से लैब में बनाकर तैयार कर लिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अब ब्रेन कैंसर जैसे खतरनाक रोगों का खतरा इसके इलाज से काफी हद तक कम किया जा सकेगा। हार्वर्ड के विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक यौगिक हमेशा से दवाइयों की खोज का आधार रहे हैं। अब जब वर्टीसिलिन ए को लैब में बनाना संभव हो गया है, तो वैज्ञानिक इसके कई अलग-अलग वेरिएंट्स (Variants) तैयार कर सकेंगे।
एमआईटी (MIT) और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विशेषज्ञों ने अपनी रासायनिक इंजीनियरिंग के जरिए इसे लैब में सफलतापूर्वक तैयार किया है। वैज्ञानिकों की यह खोज महत्वपूर्ण इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि यह उन कैंसर कोशिकाओं को खत्म करेगी जिन पर सामान्य कैंसर दवाएं भी असर नहीं करती हैं।
एमआईटी के केमिस्ट मोहम्मद मोवासाघी के अनुसार इस कंपाउंड को लैब में बनाना बहुत चुनौतीपूर्ण था। लेकिन लैब में तैयार यह तत्व अब कैंसर कोशिकाओं से कई रूपों में लड़कर काम करेगा,
1. यह कंपाउंड कैंसर कोशिकाओं के बीच ट्यूमर को बढ़ाने वाले प्रोटीन को खत्म करके कैंसर का इलाज करने में सहायक होगा।
2. यह 'प्रोग्राम्ड सेल डेथ' के जरिए कैंसर कोशिकाओं को स्वयं ही समाप्त कर देगा।
3. इसकी 3D संरचना वाला अणु ट्यूमर के विकास की गति को पूरी तरह रोक देता है।
4. इससे शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को बहुत कम हानि होगी।
वैज्ञानिकों के अनुसार बच्चों में होने वाले ब्रेन कैंसर, जिसे 'डिफ्यूज मिडलाइन ग्लियोमा' (DMG) कहा जाता है, का इससे सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकेगा। उन्होंने ब्रेन कैंसर की कोशिकाओं को ठीक करने के लिए जो परीक्षण किए थे, उनमें बड़ी सफलता हासिल की है।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।