Causes of Heart Disease : भारत में दिल की बीमारी बहुत ज़्यादा है और कई जानें ले रही है. आम खतरों (जैसे बीपी, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा) के अलावा, डॉक्टर ने कुछ और छुपे हुए खतरे बताए हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
Heart Disease : भारत में दिल की बीमारियां आजकल बहुत ज्यादा हो रही हैं और इनसे काफी लोगों की जान जा रही है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के हिसाब से तो भारत में दिल की बीमारियों के मामले सबसे ज्यादा हैं, और हर साल करीब 47 लाख लोग इनसे मर जाते हैं।
जब हम दिल की बीमारियों के बारे में सोचते हैं, तो हमें अक्सर हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure), हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान (सिगरेट पीना) और मोटापा जैसी चीजें याद आती हैं। ये सब वाकई में दिल की सेहत के लिए बड़े खतरे हैं।
लेकिन, इन जाने-पहचाने खतरों के अलावा भी कुछ ऐसे कारण हैं जिन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते पर वे भी दिल की बीमारी (Heart Disease) कर सकते हैं। जयपुर के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत चतुर्वेदी ने पत्रिका.कॉम से बात करते हुए ऐसे ही कुछ कम-जाने-पहचाने खतरों के बारे में बताया है।
उनका कहना है कि सिर्फ ब्लड प्रेशर ही नहीं और भी कई बातें हैं जिन्हें हमें दिल की सेहत के लिए नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
Heart Disease : इन लक्षणों को ना लें हल्के में
जब धमनियों में फैटी प्लाक जमा हो जाते हैं और वे कठोर हो जाती हैं, तो इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। यह हालत कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Heart Disease) में बदल सकती है, जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक हो सकता है। यह सूजन अक्सर छिपे कारणों से होती है।
लगातार तनाव, चिंता और डिप्रेशन से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो सूजन को जन्म देता है। साथ ही ये मानसिक स्थिति Overeating, Smoking और Exercise न करने जैसी आदतें भी ला सकती है, जो सीधे दिल पर असर डालती हैं।
अगर आप पूरी और गहरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो यह आपके दिल पर भारी पड़ सकता है। स्लीप एपनिया, इनसोम्निया जैसी नींद से जुड़ी समस्याएं ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को प्रभावित करती हैं। कोशिश करें कि हर रात 7-8 घंटे की निर्बाध नींद लें।
लंबे समय तक PM2.5 जैसे महीन कणों वाली प्रदूषित हवा में सांस लेना दिल के दौरे और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है। ये प्रदूषक शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन पैदा करते हैं।
लूपस, सोरायसिस, रूमेटॉइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियां शरीर में क्रॉनिक सूजन बनाए रखती हैं, जिससे धमनियों में प्लाक बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यह धीरे-धीरे दिल को कमजोर कर देता है।
दिन भर बैठकर काम करना, एक्सरसाइज की कमी और मोबाइल/टीवी के आगे घंटों बिताना आपके दिल के लिए बड़ा खतरा है। इससे वजन बढ़ता है, इंसुलिन रेसिस्टेंस होता है और रक्तचाप बढ़ सकता है।
संतुलित आहार लें: फल, सब्ज़ियां, साबुत अनाज, नट्स और हेल्दी फैट्स को शामिल करें।
व्यायाम जरूरी है: दिन में कम से कम 30 मिनट चलना, योग या डांस जरूर करें।
तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन, म्यूज़िक या डायरी लिखने जैसी गतिविधियां अपनाएं।