
Tingling in Hands and Feet Causes: हाथ-पैर में झुनझुनी या सुई चुभने जैसी सनसनाहट महसूस होना एक आम समस्या हो सकती है। कई बार लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने, हाथ पर सो जाने या पैरों को ज्यादा देर तक क्रॉस करके रखने के कारण कुछ समय के लिए हाथ-पैर सुन्न या झनझनाने लगते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके पीछे नसों से जुड़ी कोई समस्या या दूसरी स्वास्थ्य स्थिति भी जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि हाथ-पैर में झुनझुनी क्यों होती है, इसके पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं और किन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Mayo Clinic और Healthline के अनुसार, हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। नसों पर दबाव पड़ना, नसों में चोट या नुकसान, डायबिटीज, कुछ विटामिन की कमी और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इसके संभावित कारण हो सकते हैं। इस तरह की झुनझुनी को मेडिकल भाषा में पेरेस्थीसिया (Paresthesia) भी कहा जाता है। कभी-कभी यह समस्या अस्थायी होती है और शरीर की स्थिति बदलने या आराम करने के बाद अपने आप ठीक हो जाती है। वहीं, बार-बार या लगातार होने वाली झुनझुनी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकती है।
हाथ-पैर में झुनझुनी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
अगर आप लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठे या लेटे रहते हैं, तो किसी नस पर दबाव पड़ सकता है। इसी वजह से हाथ या पैर में कुछ समय के लिए सुन्नपन या झुनझुनी महसूस हो सकती है।
जब आसपास के ऊतकों की वजह से किसी नस पर ज्यादा दबाव पड़ता है, तो उसे पिंच्ड नर्व (Pinched Nerve) कहा जाता है। चोट, बार-बार एक जैसी गतिविधि करने या सूजन के कारण नस दब सकती है। इससे प्रभावित हिस्से में झुनझुनी, सुन्नपन या दर्द हो सकता है।
डायबिटीज के कारण होने वाली डायबिटिक न्यूरोपैथी भी हाथ-पैर में झुनझुनी का कारण बन सकती है।
विटामिन B12, B6, B1, E और फोलेट (Vitamin B9) की कमी कुछ लोगों में हाथ-पैर में झुनझुनी या दर्द से जुड़ी हो सकती है।
Carpal Tunnel Syndrome में कलाई से गुजरने वाली मीडियन नर्व पर दबाव पड़ता है। इसके कारण हाथ और उंगलियों में सुन्नपन या झुनझुनी महसूस हो सकती है।
किडनी ठीक तरह से काम न करने पर शरीर में तरल पदार्थ और अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं। इससे नसों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बन सकती है और झुनझुनी महसूस हो सकती है।
गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाली सूजन कुछ नसों पर दबाव डाल सकती है। इसकी वजह से हाथों और पैरों में झुनझुनी महसूस हो सकती है।
कुछ दवाओं के कारण भी नसों को नुकसान पहुंच सकता है और हाथ-पैर में झुनझुनी हो सकती है। इसलिए अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।
रूमेटाइड आर्थराइटिस, मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS), ल्यूपस और सीलिएक डिजीज जैसी कुछ ऑटोइम्यून स्थितियों में भी हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन हो सकता है।
गंभीर और लंबे समय तक इलाज न किए गए हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism) में कभी-कभी नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके कारण झुनझुनी या सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
झुनझुनी के साथ हर व्यक्ति में अलग-अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
अगर झुनझुनी लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने के कारण हुई है, तो स्थिति बदलने और प्रभावित हिस्से को सामान्य रूप से हिलाने-डुलाने से आराम मिल सकता है। लेकिन अगर झुनझुनी बार-बार हो रही है या इसका कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज किए बिना डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है।