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जीभ, मसूड़ों या गाल के अंदर सफेद धब्बे को न करें नजरअंदाज, Leukoplakia हो सकती है वजह, मेयो क्लिनिक से जानें इसके संकेत

Leukoplakia Cause: मुंह के अंदर सफेद या धूसर रंग का धब्बा Leukoplakia का संकेत हो सकता है। जर्नल ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी और मेयो क्लिनिक के अनुसार, जानिए इसके लक्षण, तंबाकू और दांतों से होने वाले कारण और इसके बचाव के तरीके।
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भारत

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Nidhi Yadav

Sep 21, 2026

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leukoplakia क्या होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Leukoplakia Symptoms: कभी आपने शीशे में मुंह साफ करते वक्त अपनी जीभ, गाल के अंदरूनी हिस्से या मसूड़ों पर कोई अजीब सा सफेद या धूसर (ग्रे) रंग का धब्बा देखा है? अक्सर लोग इसे ब्रश की खरोंच, गरम खाना खाने से पड़ा छाला या फिर साधारण गंदगी समझकर टाल देते हैं। लेकिन अगर यह धब्बा आसानी से रगड़ने या साफ करने पर भी नहीं हट रहा है, तो संभल जाइए! मेडिकल साइंस में इस स्थिति को ल्यूकोप्लाकिया (Leukoplakia) कहा जाता है। यह कोई मामूली बात नहीं है। हालांकि ल्यूकोप्लाकिया के ज्यादातर मामले कैंसर रहित (Benign) होते हैं, लेकिन इनमें से कुछ धब्बे आगे चलकर ओरल कैंसर (मुंह के कैंसर) का रूप भी ले सकते हैं। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना और सही समय पर सतर्क हो जाना बहुत जरूरी है।

आखिर क्या होता है Leukoplakia (ल्यूकोप्लाकिया)?

जर्नल ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के अनुसार, ल्यूकोप्लाकिया मुंह के भीतर बनने वाले ऐसे सफेद या ग्रे रंग के पैच (धब्बे) हैं, जो जीभ, मसूड़ों, मुंह के निचले हिस्से या गालों की अंदरूनी परत पर जम जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह धब्बा ब्रश करने, खुरचने या उंगली से रगड़ने पर भी अपनी जगह से नहीं हटता। यह मुंह के अंदर मौजूद कोशिकाओं की अत्यधिक वृद्धि (Hyperkeratosis) और लगातार होने वाली जलन या रगड़ के कारण बनता है।

कैसे पहचानें इसके संकेत और लक्षण?

मेयो क्लिनिक के मुताबिक, ल्यूकोप्लाकिया हर इंसान में एक जैसा नहीं दिखता। इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं;

  • यह धब्बा ज्यादातर सफेद या धूसर (ग्रेish) रंग का होता है।
  • छूने पर यह हिस्सा मोटा या उभरा हुआ महसूस हो सकता है।
  • इसकी सतह कभी सपाट होती है, तो कभी थोड़ी खुरदरी, झुर्रीदार या उबड़-खाबड़।
  • सफेद धब्बों के साथ-साथ लाल रंग के छोटे-छोटे दाने या धब्बे भी दिखाई देते हैं।
  • आमतौर पर दर्द न होना।

किन कारणों से होता है ल्यूकोप्लाकिया?

  • तंबाकू और सिगरेट का सेवन।
  • अत्यधिक शराब पीना।
  • दांतों से लगातार रगड़ लगना।
  • कमजोर इम्युनिटी (Hairy Leukoplakia)।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

मुंह के छालों का 1-2 हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको अपने मुंह में नीचे दी गई स्थितियों में से कुछ भी दिखे, तो तुरंत डॉक्टर या डेंटिस्ट से संपर्क करें;

  • सफेद या लाल धब्बे जो 2 हफ्तों से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहे हों।
  • मुंह के अंदर कोई गांठ, उभरा हुआ हिस्सा या सख्त पैच महसूस हो रहा हो।
  • खाना चबाने, निगलने या जबड़ा हिलाने में कोई तकलीफ या दर्द होने लगे।
  • बिना किसी स्पष्ट वजह के मुंह के अंदर से खून आ रहा हो।

बचाव के लिए क्या अपनाना चाहिए?

ल्यूकोप्लाकिया से बचने का सबसे आसान रास्ता है अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करना;

  • तंबाकू से दूरी बनाएं।
  • शराब का सेवन सीमित करें।
  • ओरल हाइजीन (मुंह की सफाई)।
  • दंत चिकित्सक (Dentist) की सलाह।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।