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मेंढक को देखते ही लगता है डर? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें क्या है Ranidaphobia, इसके लक्षण और कारण

Ranidaphobia Cause: क्या मेंढक को देखते ही आपकी धड़कनें तेज हो जाती हैं? क्लीवलैंड क्लिनिक और क्लैरिटी हेल्थ से जानें क्या है Ranidaphobia (मेंढक का डर), इसके मुख्य लक्षण, कारण और इससे निपटने के आसान तरीके।
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भारत

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Nidhi Yadav

Sep 19, 2026

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मेंढक को देखते ही क्यों लगता है डर- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Ranidaphobia Symptoms: बारिश का मौसम आते ही या किसी तालाब के पास से गुजरते समय अगर आपको मेंढक दिख जाए, तो सामान्य तौर पर लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि मेंढक को देखते ही, उसकी टर्र-टर्र की आवाज सुनते ही, या सिर्फ उसकी तस्वीर देखने भर से आपकी धड़कनें तेज हो जाएं, हाथ-पैर कांपने लगें और आप घबराकर वहां से भागने लगें? अगर हां, तो यह कोई सामान्य डर नहीं है। इसे मेडिकल भाषा में Ranidaphobia (रेनिडाफोबिया) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, यह क्यों होती है और इससे कैसे उबरा जा सकता है।

Ranidaphobia (रेनिडाफोबिया) क्या है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, रेनिडाफोबिया दो शब्दों से मिलकर बना है Ranidae (मेंढकों का वैज्ञानिक परिवार) और Phobia (अत्यधिक या काल्पनिक डर)। मेंढक या टोडा (Toads) से लगने वाले अत्यधिक और अकारण डर को Ranidaphobia कहते हैं। यह Zoophobia (जानवरों से लगने वाला डर) का ही एक प्रकार है। जिस व्यक्ति को यह फोबिया होता है, वह अच्छी तरह जानता है कि एक छोटा सा मेंढक उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा, लेकिन फिर भी उसका दिमाग और शरीर उस पर नियंत्रण नहीं रख पाता और वह पैनिक (घबरा) करने लगता है।

Ranidaphobia के लक्षण (Symptoms)

क्लैरिटी हेल्थ के मुताबिक, जब किसी रेनिडाफोबिया से पीड़ित व्यक्ति का सामना मेंढक से होता है या फिर वह मेंढक की फोटो, कार्टून देखता है या उसकी आवाज सुनता है तो उसमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं;

इसके मुख्य कारण (Causes)

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी फोबिया का कोई एक सटीक कारण नहीं होता। यह कई मनोवैज्ञानिक, आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों का मिला-जुला परिणाम होता है;

  • बचपन का कोई बुरा अनुभव (Past Trauma)।
  • दूसरों को देखकर सीखा गया डर (Observational Learning)।
  • गलतफहमियां और कहानियां (Cultural Folklore/Stories)।
  • आनुवंशिकी (Genetics)।

इससे बचाव और इलाज (Treatment)

यदि यह डर आपके दैनिक जीवन, काम या सामाजिक गतिविधियों में बाधा डालने लगा है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय थेरेपिस्ट या डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। इसके प्रमुख इलाज निम्नलिखित हैं;

1.एक्सपोजर थेरेपी (Exposure Therapy)- यह फोबिया के लिए सबसे कारगर इलाज माना जाता है। इसमें डॉक्टर मरीज को बहुत ही सुरक्षित माहौल में धीरे-धीरे मेंढक के डर का सामना कराते हैं। शुरुआत में सिर्फ मेंढक की फोटो दिखाई जाती है, फिर खिलौना, और धीरे-धीरे असली मेंढक को दूर से देखने का अभ्यास कराया जाता है।

2. कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT)- इस थेरेपी के जरिए मरीज के मन में मेंढक को लेकर बनी नकारात्मक सोच और डर को बदलने की कोशिश की जाती है।

3. रिलैक्सेशन तकनीक- माइंडफुलनेस, योग और सांस लेने के व्यायाम (Breathing Exercises) से घबराहट और पैनिक अटैक के शारीरिक लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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