
घुटने में पानी भरने का क्या मतलब होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Swollen Knee Symptoms: कई बार अचानक या किसी चोट के बाद हमारे घुटने में तेज सूजन आ जाती है और घुटना गोल, भारी या सूजा हुआ दिखाई देने लगता है। आम बोलचाल में लोग इसे घुटने में पानी भरना या पानी जमना कहते हैं। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को Knee Effusion (नी एफ्यूजन) या Swollen Knee कहा जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, घुटने में पानी भरना खुद में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर का एक रक्षात्मक संकेत (Warning Sign) है जो यह बताता है कि घुटने के जोड़ के अंदर कोई न कोई गड़बड़ी या चोट हुई है। आइए समझते हैं कि घुटने में पानी क्यों भरता है, इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं, क्या लक्षण दिखाई देते हैं और कब इसे लेकर बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, हमारे शरीर के सभी जोड़ों की तरह घुटने के अंदर भी थोड़ा सा प्राकृतिक तरल पदार्थ (Fluid) होता है, जिसे साइनोवियल फ्लुइड (Synovial Fluid) कहते हैं। इसका मुख्य काम घुटने की हड्डियों को आपस में रगड़ खाने से बचाना, उन्हें चिकनाई (Lubrication) देना और सुचारू रूप से मोड़ने में मदद करना होता है। लेकिन जब घुटने में कोई चोट लगती है, सूजन आती है या कोई बीमारी (जैसे आर्थराइटिस) होती है, तो शरीर उस हिस्से की रक्षा करने के लिए जरूरत से ज्यादा मात्रा में यह तरल पदार्थ बनाने लगता है। कभी-कभी चोट के कारण जोड़ के अंदर खून या मवाद भी जमा हो जाता है। जब यह द्रव बहुत ज्यादा जमा हो जाता है, तो घुटना फूल जाता है और इसी स्थिति को लोग घुटने में पानी भरना कहते हैं।
हर बार घुटने की सूजन सामान्य नहीं होती। कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जिन्हें इमरजेंसी मानकर तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट/फिजिशियन को दिखाना चाहिए। यदि घुटना इतना दर्द करे कि आप पैर जमीन पर रख भी न सकें। घुटने में सूजन के साथ-साथ आपको तेज बुखार आ रहा हो और घुटना बहुत लाल हो, तो यह 'सेप्टिक आर्थराइटिस' (संक्रमण) हो सकता है जो बेहद खतरनाक है। चोट लगने के 1-2 घंटे के भीतर ही घुटना पूरी तरह सूज जाना। यदि घुटने के नीचे का हिस्सा सुन्न पड़ने लगे या ठंडा महसूस हो।
डॉक्टर सबसे पहले एक्स-रे (X-Ray), अल्ट्रासाउंड या एमआरआई (MRI) के जरिए सूजन का सही कारण पता लगाते हैं। कई बार डॉक्टर एक पतली सुई की मदद से घुटने का अतिरिक्त पानी बाहर निकालते हैं। इससे मरीज को तुरंत दर्द और दबाव से राहत मिलती है और उस पानी की जांच करके बीमारी का पता लगाया जाता है।
Updated on:
19 Sept 2026 12:17 pm
Published on:
19 Sept 2026 12:17 pm
