स्वास्थ्य

Cancer: गरीब देशों में सबसे ज्यादा जानलेवा बन रहा बचपन का कैंसर, भारत में 17,000 मौतें

Cancer Death Percentage In India: दुनिया भर में बच्चों में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें 94% मौतें लो और मिडिल इनकम देशों में हो रही हैं। 2023 में भारत में 17,000 बच्चों की मौत हुई। विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम में बचपन के कैंसर को प्राथमिकता देने की मांग की है।
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Apr 04, 2026
Cancer
Cancer(AI Image-ChatGpt)

Cancer Death Rate In India: दुनिया भर में बच्चों में कैंसर एक गंभीर और बढ़ती हुई चिंता बनता जा रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है इन मौतों में से करीब 94 प्रतिशत मामले लो और मिडिल इनकम देशों में दर्ज किए गए। यानी जहां संसाधन कम हैं, वहीं बच्चों के लिए यह बीमारी सबसे ज्यादा घातक साबित हो रही है। भारत की बात करें तो यहां 2023 में करीब 17,000 बच्चों की मौत कैंसर के कारण हुई, जिससे यह बच्चों में मौत का दसवां सबसे बड़ा कारण बन गया। कैंसर केयर अस्पताल, दरभंगा के कर्क रोग एक्सपर्ट डॉक्टर स्वरूप मित्रा के अनुसार, इसके बावजूद भारत के राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम में बचपन के कैंसर को अभी तक प्राथमिकता नहीं दी गई है। इसके लिए जरूरी है कि बचपन के कैंसर को राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण योजनाओं में तुरंत शामिल किया जाए।

Cancer: वर्ष 2023 में 1.44 लाख बच्चों की मौत


द लैंसेट में पब्लिश ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2023 स्टडी ने इस असमानता को लेकर कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में दुनिया भर में बच्चों में कैंसर के लगभग 3.77 लाख नए मामले सामने आए, जबकि करीब 1.44 लाख बच्चों की मौत हो गई। इस तरह यह बीमारी बच्चों में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हो चुकी है और खसरा, टीबी और एचआइवी जैसी बीमारियों से भी ज्यादा जान ले रही है।

दक्षिण एशिया की स्थिति


दक्षिण एशिया इस संकट का बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां दुनिया के कुल चाइल्डहुड कैंसर से होने वाली मौतों का लगभग 20.5 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया। इसके अलावा, 1990 से 2023 के बीच इन मौतों में करीब 16.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी देखी गई है। हालांकि एक पॉजिटिव पहलू यह भी है कि वैश्विक स्तर पर मौतों में कुछ कमी आई है, लेकिन इसका लाभ सभी देशों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाया है। उच्च आय वाले देशों में इलाज बेहतर होने से बच्चों के बचने की संभावना ज्यादा है, जबकि गरीब देशों में समय पर जांच और इलाज की कमी बड़ी बाधा बन रही है।

Updated on:
04 Apr 2026 12:43 pm
Published on:
04 Apr 2026 12:43 pm