स्वास्थ्य

Chronic Kidney Disease से बढ़ सकता है Dementia का खतरा? नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

नई रिसर्च में खुलासा Chronic Kidney Disease का असर सिर्फ किडनी नहीं, दिमाग पर भी पड़ता है। जानिए कैसे बढ़ता है याददाश्त कमजोर होने का खतरा।
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Feb 20, 2026
Chronic Kidney Disease
Chronic Kidney Disease (Photo- gemini ai)

Chronic Kidney Disease Brain Effect: किडनी की बीमारी को अक्सर लोग सिर्फ पेशाब, सूजन या कमजोरी से जोड़कर देखते हैं। लेकिन अब नई रिसर्च बताती है कि क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी पड़ सकता है। यानी किडनी जितनी ज्यादा कमजोर होगी, याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता पर उतना ज्यादा असर पड़ सकता है।

हाल ही में Tulane University के वैज्ञानिकों ने इस पर एक बड़ी स्टडी की। इसमें 21 से 79 साल की उम्र के 5600 से ज्यादा लोगों को करीब 6 साल तक ट्रैक किया गया। रिसर्च में लोगों के ब्लड और यूरिन टेस्ट के जरिए किडनी की हालत जांची गई और साथ-साथ उनके दिमाग की कार्यक्षमता यानी कॉग्निटिव फंक्शन भी टेस्ट किया गया।

किडनी कमजोर, तो दिमाग भी कमजोर?

रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों की किडनी ज्यादा खराब थी, उनमें ध्यान लगाने में दिक्कत, चीजों को जल्दी समझने में परेशानी और सही फैसले लेने की क्षमता कमजोर पाई गई। वैज्ञानिकों ने खासतौर पर यूरिन टेस्ट में एक चीज पर ध्यान दिया। प्रोटीन और क्रिएटिनिन का अनुपात। जिन लोगों के यूरिन में प्रोटीन ज्यादा पाया गया, उनमें दिमाग से जुड़ी समस्याएं भी ज्यादा देखी गईं। सरल भाषा में समझें तो जब किडनी सही तरह से खून साफ नहीं कर पाती, तो शरीर में कई तरह के नुकसान शुरू हो जाते हैं और इसका असर दिमाग तक पहुंच सकता है।

आखिर किडनी और दिमाग का क्या कनेक्शन?

एक बड़ा कारण है हाई ब्लड प्रेशर। किडनी की बीमारी से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हाई BP दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे सोचने-समझने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके अलावा रिसर्च में यह भी पाया गया कि लंबे समय तक किडनी खराब रहने पर डिमेंशिया जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

सिर्फ ब्लड प्रेशर ही कारण नहीं

वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ हाई BP ही पूरी वजह नहीं है। किडनी की बीमारी के साथ शरीर में और भी कई बदलाव होते हैं, जो दिमाग को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे:

  • शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ना
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस यानी कोशिकाओं को नुकसान
  • खून की कमी (एनीमिया)
  • नींद से जुड़ी समस्याएं
  • हड्डियों और मिनरल का असंतुलन

ये सभी चीजें मिलकर दिमाग की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे कमजोर कर सकती हैं।

आम भाषा में समझें

अगर किडनी लंबे समय तक ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में गंदगी जमा होने लगती है। यह सिर्फ शरीर ही नहीं, दिमाग को भी प्रभावित करती है। नतीजा ध्यान कम लगना, चीजें जल्दी भूलना, सोचने की स्पीड धीमी होना।

क्या करें?

अगर किसी को किडनी की बीमारी है, तो सिर्फ किडनी ही नहीं, दिमाग की सेहत पर भी ध्यान देना जरूरी है।

  • ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें
  • डॉक्टर की सलाह से इलाज जारी रखें
  • हेल्दी डाइट लें
  • अच्छी नींद लें
  • नियमित चेकअप करवाते रहें
Updated on:
20 Feb 2026 12:10 pm
Published on:
20 Feb 2026 12:10 pm
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