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Cancer का कौन-सा प्रकार सबसे ज्यादा घातक है, WHO और वेरीवेल हेल्थ से जानें किन संकेतों को न करें नजरअंदाज

Most Dangerous Cancer: कौन-सा कैंसर है दुनिया में सबसे ज्यादा जानलेवा, WHO और वेरीवेल हेल्थ की इस रिपोर्ट से जानिए शुरुआती लक्षण जिन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 21, 2026

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कुछ कैंसर ऐसे हैं जो शरीर में बहुत खामोशी से फैलते हैं और जब तक इनका पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Most Dangerous Cancer: जब कैंसर की बात आती है, तो मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि आखिर कौन-सा कैंसर सबसे ज्यादा खतरनाक होता है? लोग अक्सर सोचते हैं कि हर कैंसर एक जैसा होता है, लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार कुछ कैंसर ऐसे हैं जो शरीर में बहुत खामोशी से फैलते हैं और जब तक इनका पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और वेरीवेल हेल्थ (Verywell Health) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में कुछ खास प्रकार के कैंसर सबसे आगे हैं। इनमें फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) और कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer - आंतों का कैंसर) सबसे ऊपर आते हैं। आइए समझते हैं कि कौन-सा कैंसर सबसे ज्यादा जान लेता है और शरीर में दिखने वाले किन संकेतों को हमें कभी भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer)

वेरीवेल हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में पुरुषों और महिलाओं दोनों में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) है। इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग इन्हें आम खांसी या धूल-प्रदूषण का असर समझकर छोड़ देते हैं। जब तक बीमारी गंभीर रूप नहीं ले लेती, तब तक इसका सही पता नहीं चल पाता।

इन संकेतों को कभी न करें इग्नोर:

  • लगातार बनी रहने वाली खांसी, जो हफ्तों बाद भी ठीक न हो।
  • खांसी के साथ बलगम में खून का आना।
  • बिना किसी वजह के सांस फूलना या छाती में लगातार दर्द रहना।
  • बिना डाइटिंग या कसरत के अचानक से वजन का बहुत कम हो जाना।

तेजी से पैर पसार रहा है कोलोरेक्टल कैंसर (आंतों का कैंसर)

WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मुताबिक, कोलोरेक्टल कैंसर (जो हमारे पेट के निचले हिस्से यानी बड़ी आंत और मलाशय में होता है) दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। यह कैंसर धीरे-धीरे आंतों के अंदर छोटी-छोटी गांठों (जिन्हें पॉलिप्स कहते हैं) के रूप में शुरू होता है, जो बाद में कैंसर का रूप ले लेती हैं। खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड और शारीरिक एक्टिविटी न होना इसके बड़े कारण हैं।

  • पेट की आदतों में अचानक बदलाव।
  • मल में खून आना।
  • पेट में हर वक्त मरोड़, गैस या दर्द महसूस होना।
  • हर वक्त कमजोरी और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना।

क्या है बचाव का रास्ता?

WHO के डॉक्टर साफ तौर पर कहते हैं कि कैंसर कितना भी जानलेवा क्यों न हो, अगर इसकी पहचान शुरुआती स्टेज (Early Stage) में हो जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। अगर आपकी उम्र 45-50 साल से ज्यादा है, या आपके परिवार में किसी को पहले कैंसर रहा है, तो डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर रूटीन चेकअप या कोलोनोस्कोपी जैसे टेस्ट जरूर करवाएं।

तंबाकू, सिगरेट और शराब से पूरी तरह दूरी बना लें। फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण धूम्रपान ही है। अपने खाने में हरी सब्जियां, फल और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। पैकेज्ड फूड, लाल मांस (Red Meat) और ज्यादा ऑयली चीजों से परहेज करें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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