
डेंगू से पूरी सुरक्षा पाने के लिए 2 डोज के इस पूरे कोर्स की लागत ₹6,000 से ₹12,000 के आसपास हो सकती है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Dengue Vaccine QDENGA Hindi: मानसून आते ही देश में जिस एक बीमारी का सबसे ज्यादा खौफ रहता है, वह है डेंगू। अस्पतालों में बेड की किल्लत, घटते प्लेटलेट्स और परिजनों की भागदौड़ हर साल लाखों परिवारों की नींद उड़ा देती है। हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Reuters)की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देश की पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA के उपयोग को औपचारिक मंजूरी दे दी है। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के अनुसार, इस वैक्सीन को WHO से 42 देशों में मंजूरी मिली है।
जापानी फार्मास्यूटिकल दिग्गज ताकेडा (Takeda) द्वारा तैयार की गई यह वैक्सीन भारत के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि यह वैक्सीन आम इंसान की जेब पर कितनी भारी पड़ेगी? इसकी एक डोज की कीमत क्या होगी और फिजिशियन डॉ. बाबूलाल वर्मा से जानें 2 डोज का तरीका और किसे लग सकता है यह टीका?
हेल्थ और मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, डेंगू से पूरी सुरक्षा पाने के लिए 2 डोज के इस पूरे कोर्स की लागत ₹6,000 से ₹12,000 के आसपास हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि एक डोज के लिए आपको करीब ₹3,000 से ₹6,000 तक चुकाने पड़ सकते हैं। ताकेडा ने भारतीय कंपनी बायोलॉजिकल ई (Biological E) के साथ पार्टनरशिप की है ताकि इसका प्रोडक्शन भारत में ही हो सके। इससे आने वाले दिनों में इसकी सप्लाई बढ़ेगी और कीमतें भी कंट्रोल में रहने की उम्मीद है।
सरकारी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. बाबूलाल वर्मा के मुताबिक, यह वैक्सीन केवल एक शॉट में काम नहीं करती, बल्कि इसके लिए दो टीकों की जरूरत होती है। पूरी इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) विकसित करने के लिए आपको इसके 2 टीके लगवाने होंगे। पहला टीका लगने के ठीक 3 महीने (90 दिन) बाद दूसरी डोज ली जाएगी।
डॉक्टर वर्मा का कहना है कि अगर आप वैक्सीन लगवाते हैं, तो आर्थिक नुकसान से 90% तक सुरक्षित कर लेते हैं।
यह वैक्सीन 4 साल के बच्चों से लेकर 60 साल तक के बुजुर्गों के लिए अप्रूव की गई है। सबसे खास बात यह है कि आपको पहले डेंगू हुआ है या नहीं, यह जानने के लिए किसी भी तरह का प्री-स्क्रीनिंग ब्लड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।
यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों स्ट्रेन (DENV-1, DENV-2, DENV-3, DENV-4) के खिलाफ सुरक्षा देती है। The lancet Global Health में प्रकाशित क्लिनिकल ट्रायल्स के मुताबिक, यह टीका लगवाने के बाद अस्पताल में भर्ती होने का खतरा लगभग 80% से 90% तक कम हो जाता है। यानी, अगर किसी को इंफेक्शन होता भी है, तो स्थिति गंभीर होने या जान पर बनने की नौबत नहीं आएगी।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
21 Jul 2026, 1:09 PM IST
Published on:
21 Jul 2026, 1:09 PM IST
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