स्वास्थ्य

Pregnancy में क्यों होती हैं ऐंठन, चक्कर और कब्ज जैसी परेशानियां? NHS से जानें

Common Health Problems In Pregnancy: गर्भावस्था में कब्ज, पैरों में ऐंठन, चक्कर, बार बार पेशाब और त्वचा में बदलाव जैसी कौन कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? आइए ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें इनके कारण और जरूरी सावधानियां।
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Oct 05, 2026
Common Health Problems In Pregnancy, Pregnancy Health Problems
Pregnancy Problems कौन कौन से होते हैं? (Representative Image) Magnific

Pregnancy Health Problems: गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से इस दौरान कई तरह की परेशानियां महसूस हो सकती हैं। कुछ समस्याएं सामान्य हो सकती हैं, लेकिन इनके बारे में जानकारी होना जरूरी है। आइए जानते हैं गर्भावस्था के इन दिनों में कौन कौन सी सामान्य परेशानियां हो सकती हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

कब्ज की समस्या

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, गर्भावस्था के शुरुआती दौर में ही हार्मोनल बदलाव के कारण कब्ज की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे साबुत अनाज, फल, सब्जियां, बीन्स और दालों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी मददगार हो सकता है।

पैरों में ऐंठन

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान पैरों या पंजों की मांसपेशियों में अचानक तेज और चुभने वाला दर्द हो सकता है। यह समस्या खासतौर पर रात के समय अधिक महसूस हो सकती है। नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करने और पैरों तथा टखनों को हिलाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में चक्कर आना कई महिलाओं को महसूस हो सकता है। शरीर में हार्मोनल बदलाव होने के साथ ब्लड फ्लो में भी बदलाव आता है, जिससे कभी कभी कमजोरी, सिर हल्का लगना या चक्कर जैसा महसूस हो सकता है। अचानक खड़े होने या शरीर की पोजीशन तेजी से बदलने पर यह परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है। कुछ महिलाओं में माइग्रेन से जुड़ी समस्या के कारण भी चक्कर या वर्टिगो हो सकता है।

ज्यादा गर्मी लगना

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव और त्वचा में ब्लड फ्लो बढ़ने के कारण सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है। इस दौरान पसीना भी अधिक आ सकता है। आरामदायक और ढीले कपड़े पहनना, कमरे को ठंडा रखना और नियमित रूप से नहाना शरीर को आराम देने में मदद कर सकता है।

पेशाब पर नियंत्रण की समस्या

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं को खांसने, हंसने, छींकने, अचानक हिलने या बैठने की स्थिति से उठने पर पेशाब की कुछ मात्रा निकल जाने की समस्या हो सकती है। ऐसा पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों में होने वाले बदलावों के कारण हो सकता है। पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज इन मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं। इसके अलावा ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

बार बार पेशाब आना

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, बार बार पेशाब आने की जरूरत गर्भावस्था के शुरुआती दौर में शुरू हो सकती है और कई बार बच्चे के जन्म तक बनी रहती है। गर्भावस्था के बाद के चरणों में बच्चे का सिर ब्लैडर पर दबाव डाल सकता है, जिससे बार बार पेशाब आने की समस्या होती है। रात में बार बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है तो देर शाम ज्यादा पेय लेने से बचा जा सकता है, लेकिन दिन के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी और कैफीन रहित पेय लेना जरूरी है। अगर पेशाब करते समय दर्द हो या पेशाब में खून दिखाई दे तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

त्वचा में बदलाव

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलावों की वजह से त्वचा के रंग में बदलाव हो सकता है। शरीर के कुछ हिस्सों पर त्वचा का रंग भी गहरा दिखाई दे सकता है। तिल, झाइयां और बर्थमार्क भी अधिक गहरे नजर आ सकते हैं। पेट के बीच में एक गहरी लाइन भी दिखाई दे सकती है। बच्चे के जन्म के बाद इनमें से कई बदलाव धीरे धीरे कम हो जाते हैं।

वैरिकोज वेन्स

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, वैरिकोज वेन्स सूजी हुई नसें होती हैं। गर्भावस्था के दौरान ये खासतौर पर पैरों में दिखाई दे सकती हैं। इनसे असहजता हो सकती है, लेकिन आमतौर पर ये नुकसानदायक नहीं होतीं और बच्चे के जन्म के बाद इनमें सुधार हो सकता है।वैरिकोज वेन्स की परेशानी को कम करने के लिए लंबे समय तक खड़े रहने से बचने, पैरों को क्रॉस करके न बैठने और आराम करते समय पैरों को ऊपर रखने की सलाह दी जाती है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान किसी भी ऐसे लक्षण को लेकर चिंता हो रही हो तो अपनी मैटरनिटी टीम से बात करनी चाहिए। खासतौर पर पेशाब करते समय दर्द या पेशाब में खून दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान बिना डॉक्टर, मिडवाइफ या फार्मासिस्ट की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
05 Oct 2026 10:06 am
Published on:
05 Oct 2026 09:56 am